पारा 42 डिग्री तक पहुंचेगा, फिलहाल राहत नहीं
भास्कर न्यूज | भिवानी
इस बार 25 मई से नौतपा आरंभ हो रहा है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार माना जाता है कि रोहिणी नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश के दौरान नौतपा आरंभ होता है और इन 9 दिनों में सूर्य की किरणें सीधी धरती पर अपनी तपिश छोड़ती हैं। इस कारण इन 9 दिनों में तेज गर्मी पड़ती है, जिसे नौतपा कहा जाता है। इस बार नौतपा की शुरुआत 25 मई को एकादशी के सूर्योदय से होगी जो दाे जून तक चलेगी। इस कारण धरती खूब तपेगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित कृष्ण कुमार शर्मा नांवा ने बताया कि इस बार रोहिणी का वास संधि में है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार के दिन सुबह सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश होगा और इस बार रोहिणी का वास संधि में है। इसके कारण वर्षा ऋतु में इसका प्रभाव उत्तम वृष्टि के रूप में नजर आएगा। उन्होंने बताया कि इस बार मेघेश शुक्र होने से समय पूर्व वर्षा के योग बनेंगे। उन्होंने
बताया कि चन्द्र की प|ी मानेे जाने वाले रोहिणी नक्षत्र में गरम आंधियां ज्यादा प्रभाव दिखाती है इसलिए नौतपा गर्मी का पर्याय बन जाता है। रोहिणी के दौरान अगर बारिश होती है, तो इसे आम भाषा में रोहिणी का गलना कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि सूर्य की गर्मी और रोहिणी के जल तत्व के कारण मॉनसून गर्भ में आ जाता है और नौतपा ही मानसून का गर्भकाल माना जाता है।
अगले 48 घंटे तापमान में उछाल आने की संभावना
सोमवार को दिन में लू चलने से सड़कों पर सन्नाटा रहा। गर्म हवाएं चलने और पारा 40 पार होने के चलते लोग दिन में घरों से बाहर कम ही निकले। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे तापमान में उछाल आने की संभावना है। सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री दर्ज किया गया।
मई के अंत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने के आसार
मई के अंतिम दिनों में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने के आसार हैं। इससे जून के पहले हफ्ते में मामूली राहत के आसार हैं।
मौसम विभाग ने इस बार केरल में मॉनसून तय समय पर 29 मई तक पहुंचने की संभावना जताई है। दो मई को आए तूफान और उसके बाद पांच बार वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते मैदानों में बारिश और पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के चलते मई में कई बार तापमान 40 डिग्री के पार गया है।