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किसी भी जिले में 55% से कम नहीं रहा बेटियों का रिजल्ट

3 वर्ष पहले
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नवीन ने बताया कि वह एमबीबीएस डॉक्टर बनना चाहता है। नवीन के पिता रणसिंह भी अारएमपी डाॅक्टर है। वो कालोनी में ही प्रैक्टिस करते है। नवीन की मां रोशनी देवी सामान्य गृहिणी है। नवीन के पिता रणसिंह ने बताया कि हम नवीन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं डालते। वो राेजाना 5 से 6 घंटे घर पर स्टडी करता था। सुबह जल्दी उठकर स्टडी करना उसकी आदत बनी हुई थी। हिना ने बताया कि वह कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना चाहती है।

सरकारी स्कूलों से भी तीनों संकाय में टॉपरों में शामिल रहे बच्चे

भास्कर न्यूज | टीम हरियाणा



हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी ने 12वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इस बार के परिणाम में तीनों ही संकाय के टॉपरों का गांवों और छोटे कस्बों से ज्यादा कनेक्शन निकल कर आए हैं। वहीं टॉप स्थान प्राप्त करने में सरकारी स्कूलों की बच्चे भी किसी से पीछे नहीं रहे हैं। तीनों संकाय में बोर्ड की तरफ से जो टॉपर बच्चों की सूची जारी की गई है। उसके अनुसार कुल 10 टॉपर बच्चे ग्रामीण क्षेत्र के हैं और 5 शहरी क्षेत्र से हैं।

कला संकाय में तीनों टॉपर ग्रामीण क्षेत्र से हैं। कॉमर्स में 4 ग्रामीण से तो 2 सिटी से हैं। वहीं साइंस में 3 टॉपर ग्रामीण से तो 2 शहरी क्षेत्र के हैं। ओवरआॅल परिणाम में भी ग्रामीण क्षेत्र शहरी क्षेत्र से आगे रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में 66.92 प्रतिशत बच्चे पास हुए हैं, जबकि शहरी क्षेत्र से केवल 60.26 प्रतिशत बच्चे पास हुए हैं। सरकारी स्कूलों के बच्चे भी किसी से पीछे नहीं रहे हैं और कुल 4 बच्चे टॉपरों में शामिल हैं। आर्ट्स स्ट्रीम में 2, कॉमर्स में 1 और साइंस में भी 1 टॉपर बच्चा सरकारी स्कूल से रहा है।

फिसड्डी से रैंकिंग सुधार के लिए किए गए थे विशेष प्रयास

वर्ष 2017 में अंतिम पायदान पर रहने पर सभी शिक्षकों से शपथ पत्र लिया गया था। इसमें शिक्षकों ने शिक्षा विभाग को विश्वास दिलाया था कि अगले साल बारहवीं बोर्ड का रिजल्ट बेहतर होगा। हर सप्ताह शिक्षकों से बोर्ड परीक्षा की तैयारियों की रिपोर्ट मांगी गई। जिला शिक्षा अधिकारी बताते हैं कि किस स्टूडेंट्स में कितना सुधार हुआ। पूरे साल स्टूडेंट और शिक्षकों के काम की मॉनिटरिंग की गई। खराब प्रदर्शन करने वाले सरकारी स्कूलों को एक्सट्रा क्लास लगाने का आदेश दिया गया था। बोर्ड परीक्षा से छह माह पहले स्कूलों ने क्लास शुरू कर दी थी। सबसे अधिक ध्यान गणित और विज्ञान विषय पर दिया गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने खुद स्कूलों में चल रही एक्सट्रा क्लास का निरीक्षण किया।

कहीं किसान के बच्चे ने किया टॉप तो कहीं बिना कोचिंग के बन गए टॉपर

16 िजलों में 70 फीसदी से अिधक छात्राएं पास तीनों संकायों में 10 टॉपर गांवों और कस्बों से

ये हैं टॉपर और उनकी सफलता की कहानी

सुबह जल्दी उठकर स्टडी करना, 6 घंटे की सेल्फ स्टडी

फोन से दूर, न वाट्सएप और न फेसबुक अकाउंट

डबवाली के कॉमर्स छात्र जसविंदर सिंह 483 अंकों के साथ कॉमर्स संकाय में प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। जसविंदर ने बताया कि पढ़ाई से ही कामयाबी का लक्ष्य तय किया। जरूरतमंद परिवार से होने के चलते कुछ दिन सरकारी स्कूल में पढ़ाई की, माहौल ठीक नहीं मिलने से नवप्रगति स्कूल में एडमिशन लिया। स्कूल संचालक वेदप्रकाश भारती ने उसे कॉमर्स में पढ़ाई के अच्छे अंक पाने के लिए छठे अतिरिक्त विषय के तौर पर पंजाबी रखने का मार्गदर्शन किया। जो उसके टॉपर बनने में अहम साबित हुई।

जिले अनुसार लड़के व लड़कियों की पास प्रतिशत यह रही स्थिति

जिला लड़के लड़कियां

रेवाड़ी 67.35 78.83

कैथल 64.20 77.48

जींद 61.77 77.28

महेंद्रगढ़ 63.52 74.95

फतेहाबाद 62.02 75.45

सिरसा 61.42 75.50

हिसार 58.71 77.00

रोहतक 58.79 74.57

पानीपत 59.64 72.76

भिवानी 58.98 71.44

कुरुक्षेत्र 58.47 72.73

जिला लड़के लड़कियां

करनाल 55.59 72.73

सोनीपत 56.03 73.64

झज्जर 54.54 73.33

अम्बाला 51.35 71.46

पंचकूला 50.12 65.74

फरीदाबाद 50.09 66.39

गुड़गांव 49.97 63.15

यमुनानगर 48.54 62.12

मेवात 47.46 57.95

पलवल 38.07 55.59

चरखीदादरी 59.62 74.30

अध्यापकों के बताए दो टिप्स पर तैयारी की, मिली सफलता

मेहनत कभी बेकार नहीं जाती है, यदि लक्ष्य निर्धारित करके पढ़ा जाए तो सफलता मिलती है। ऐसा ही कुछ कहना है नॉन मेडिकल स्ट्रीम में प्रदेशभर में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली स्वीटी का। ग्रामीण आंचल में स्थित गैलेक्सी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाली स्याणा गांव निवासी स्वीटी बताती है कि उसने अध्यापकों के बताए हुए दो टिप्स पर परीक्षा की तैयारी की। इनमें पहला टिप्स था क्लास रूम में अध्यापक जो पढ़ाए, उसे हम घर जाकर पढ़ें। दूसरी टिप्स में उन्हें बताया गया था कि जो संदेह हो उन्हें स्कूल में आकर अध्यापकों से समझे।

घर से स्कूल दूर था, रात को दो घंटे घर पर पढ़ती थी

अटाली गांव के किसान जितेंद्र की बेटी अदिति ने बिना कोचिंग के ही स्टेट में तीसरा स्थान है। अदिति संजय कालोनी के मावी माडर्न स्कूल में पढ़ती हैं। घर से स्कूल की दूरी अधिक होने से अदिति पिछले दो माह से अपने मामा के यहां रहकर पढ़ाई कर रही थीं। अदिति ने 500 में से 482 अंक हासिल किए हैं। अदिति ने बताया कि उन्होंने परीक्षा के दौरान बिना किसी तनाव के सामान्य ढंग से पढ़ाई की। स्कूल से एक्सट्रा क्लास खत्म होने के बाद घर पर रात को दो घंटे पढ़ाई करती थीं। परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने कोई कोचिंग नहीं ली।

10वीं का िजला टॉपर, रोजाना 3 से 4 घंटे तक पढ़ाई की

कॉमर्स में फतेहाबाद के लविश पोपली ने 500 में से 482 अंक लेकर स्टेट में टॉप किया है। लविश इससे पहले 10वीं के परीक्षा परिणाम में जिले का टॉपर रह चुका है। लविश के बिजनेस व अकाउंट विषय में 100-100 अंक आए हैं। उसका उद्देश्य दिल्ली के श्रीराम कॉमर्स कालेज में एडमिशन लेने के बाद आईआईएम से मैनेजमेंट विषय से एमबीए कोर्स करना है। उसने बताया कि अच्छे अंकों के लिए रोजाना वह 3 से 4 घंटे तक पढ़ाई करता था। लविश के पिता रेडीमेट गारमेंट का काम करते हैं।

किसान का बेटा बोला- गूगल है सफलता का राज

महम के भैणी महाराजपुर गांव के साहिल ने साइंस में 487 अंक प्राप्त कर प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। साहिल ने मेडिकल संकाय में परीक्षा पास की है। वह भैणी महाराजपुर के बाबा उदल देव सीनियर सेकंडरी स्कूल का छात्र है। पिता राजेंद्र किसान है और माता सुमन गृहिणी है। साहिल ने बताया कि उसने परीक्षा के दौरान किसी से ट्यूशन नहीं ली है। उसने मोबाइल पर गूगल से सिलेबस से संबंधित जानकारी जुटाई और एनसीईआरटी की किताबों से तैयारी की है। स्कूल से अाने के बाद रोजाना 4 घंटे पढ़ाई की।

टॉपर लिस्ट

विज्ञान संकाय

फर्स्ट : हीना (491) (98.2%) हाेली चाइल्ड वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल, हिसार नवीन हिसार (491) (98.2%) राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल, पटेल नगर

सेकंड : स्वीटी महेंद्रगढ़ (489) (97.8%)ग्लैक्सी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल, बवानिया।

थर्ड : धीरज यादव महेंद्रगढ़ (487) (97.4%) बाला जी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भूंगरका साहिल रोहतक (487) (97.4%)बाबा उडेल देव व. मा. विद्यालय, भैणी महाराजपुर

कॉमर्स

फर्स्ट : मोनिका कैथल (484) (96.8%)राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जाखोली अडा

सेकंड : जसविंद्र सिंह, सिरसा (483) (96.6%) नवप्रगति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, डबवाली तुषार जींद (483) (96.6%) आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नरवाना मानसी गोयल पलवल (483) (96.6%) जीवन ज्योति ग्लोबल स्कूल, किथवाड़ी

थर्ड : लविश फतेहाबाद (482) (96.4%)तीसरे स्थान पर शारदा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भट्टू

अदिति फरीदाबाद (482) (96.4%)मावी माॅर्डन स्कूल

आर्ट्स

फर्स्ट : गुरमीत जींद (489) (97.8%) एसडी कन्या महाविद्यालय, नरवाना

सेकंड : निशु जींद (488) (97.6%) राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नगूरां

थर्ड :गुरमीत कैथल (485) (97%) राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, साेंगल।

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