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सिपेट के विस्तार में जमीन बनी बाधक

3 वर्ष पहले
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डीबी स्टार भोपाल

सिपेट द्वारा लंबे समय से 10-12 एकड़ जमीन की मांग की जा रही है। चार साल पहले इन्हें सेमरा में जमीन दी गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के चलते मामला टल गया। यह विवाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने गया तो उन्होंने राजस्व विभाग को जमीन तलाशने के आदेश दिए। तब सिपेट प्रबंधन और राजस्व विभाग की टीम ने रचना नगर टॉवर के सामने खाली पड़ी जमीन को देखा और मुख्यमंत्री को बताया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय उद्योग मंत्री अनंत गीते को भेल से वह जमीन दिलाने के लिए चिट्ठी लिखी। लेकिन मामले में अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इस देरी की वजह से सिपेट का विस्तार नहीं हो पा रहा है। इसके चलते संस्थान के बाहर छात्रावास लेकर काम चलाया जा रहा है। अभी सिपेट के पास मात्र साढ़े पांच एकड़ जमीन है। इसमें प्रशासनिक भवन के साथ कक्षाएं भी लगाई जाती हैं। इमारत में नीचे कक्षाएं लगती हैं और ऊपर के माले पर निदेशक समेत समस्त स्टाफ बैठता है। इसमें विद्यार्थियों को पढ़ाने वाली फैकल्टी भी शामिल है।

पीछे की तरफ कुछ निर्माण किया गया है। अब वहां जगह ही नहीं बची। अभी यहां डिप्लोमा कोर्स और वोकेशनल ट्रेनिंग संचालित की जा रही है। इनमें से लांग टर्म कोर्स में 693 विद्यार्थी और शार्ट टर्म कोर्स में 500 छात्र अध्ययनरत हैं। इनके लिए हॉस्टल तक नहीं है। इस कारण किराए पर मकान लेकर छात्रावास संचालित करना पड़ रहा है। इनमें 150 सीटर और 350 सीटर छात्रावास शामिल है। शेष छात्र किराए के मकान लेकर उनमें रहने को मजबूर हैं।

Àशेष पेज 3 पर

5.5 एकड़ जमीन सिपेट के पास

693 विद्यार्थी लांग टर्म कोर्स में

500 छात्र शार्ट टर्म कोर्स में

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