पाइता भाट, मंडुअकी रोटी, कोमोलोर खीर, स्वीट पीठा और आलू पितिका और वेजिटेबल असमीज लच्छा.. जैसी कई असम और मणिपुर की चटपटी और मसालेदार डिशेज गुरुवार को चखने को मिली। मौका था, इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट आईएचएम में गुरुवार को आयोजित असमी एंड मणिपुरी फूड फेस्टिवल का।
आईएचएम ट्रेनिंग रेस्त्रां में आयोजित इस फूड फेस्ट में स्टूडेंट्स ने असम और मणिपुरी डिशेज का न सिर्फ मेन्यू कॉम्बिनेशन तैयार किया, बल्कि डेशेज को उनके ऑथेंटिक कुजीन के साथ तैयार किया। आईएचएम के प्रिंसिपल डॉ. आनंद सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित थे। कॉलेज के सीनियर फैकल्टी डॉ. अतुल गुप्ता ने बताया, स्टूडेंट्स को इंडियन कुजीन की वैरायटी से परिचित कराने और स्थान के साथ बदलते इंग्रेडिएंट्स की समझ को बढ़ाने के लिए यह फेस्ट आयोजित किया गया। इस अवसर पर गेस्ट को स्टूडेंट्स ने खास नॉर्थ ईस्टर्न पान, कोकुम बेस्ड ड्रिंक और भिन कोलोर शरबत सर्व किया। फेस्टिवल के अनुसार थीम को प्रेजेंट करने के लिए बैंबू थीम पर डेकोरेट किया और ड्रिंक्स को खास बैंबू से तैयार ग्लासेस में सर्व किया। डॉ. अतुल गुप्ता ने बताया, नॉर्थ-ईस्ट डिशेज सामान्यत: काफी हेल्दी और लो-ऑयल में तैयार होती हैं, जिसके कारण इनमें न्यूट्रीशनल कंटेंट ज्यादा होता है और यह लोगों को ज्यादा लंबे समय तक हेल्दी रखती हैं।
मणिपुरी और असमी व्यंजनों के साथ समझा यहां के खान-पान का रिवाज
ऑथेंटिक रेसिपी का रखा गया ख्याल
फेस्ट में असमी मेन्यू के तहत खार विद पपया, ढेकिया जाक अरु भाजी, कोम्बिलाही दाली, रोंधा माथीदाल जैसी डिशेज परोसी गईं, वहीं मनीपुरी कुजीन में येन थॉन्ग, लालमबुंग स्टाइल मटन करी, साना थोन्गबा, कारोटखाबी कॉन्गू जैसी डिशेज सर्व की गईं, जिन्हें ओरिजनल मणिपुरी इनग्रेडएंट्स के साथ ऑथेंटिक स्टाइल से प्रिपेयर किया गया।