कोई दूसरी भाषा सीखने से पहले जरूरी है कि अपनी मातृभाषा में अच्छा अधिकार हो, तभी अभिव्यक्ति मुमकिन है। यह बात प्रोफेशनल स्टोरीटेलर संवेदना अमिताभ ने कही। वे गुरूवार को सर्जना एकेडमी फॉर डिज़ाइन एंड फाइन आर्ट्स स्टूडेंट्स से इंटरेक्ट कर रही थी। इस दौरान उन्होंने बच्चों को अलग-अलग कहानी सुनाई, जिसमें भाव, साउंड इफ़ेक्ट, लोकगीत और तरह-तरह की आवाजें भी थी। उन्होंने बताया कि कहानी सुनाते समय माहौल बनाना आवश्यक है, ताकि सुनने वाले एकाग्र होकर आनंद ले पाएं।