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3 डिफरेंट कैटेगरी में विनर रही है ‘चौदहवीं का चांद’

3 वर्ष पहले
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भारत भवन में शुक्रवार से गुरुदत्त पर केंद्रित फिल्म फेस्टिवल का शुभारंभ हुआ। 8 दिवसीय इस फिल्म फेस्टिवल का आयोजन छवि प्रभाग की ओर से किया गया। समारोह के पहले दिन 1960 में रिलीज फिल्म ‘चौदहवीं का चांद’ का प्रदर्शन किया गया। मो. सादिक द्वारा निर्देशित इस फिल्म में गुरुदत्त, वहीदा रहमान, मिन्नू मुमताज, जॉनी वॉकर,मुमताज बेगम ने मुख्य किरदार निभाया। फिल्म का सबसे पसंदीदा टाइटल सॉन्ग चौदहवीं का चांद हो या आफताब हो भी को प्रिय होगा। गीत में प्रेमिका की खूबसूरती को मोतियों जैसे शब्दों के साथ यूं पिरोया गया है कि गीत मन को प्रेम के एक निश्चित मुकाम के लिए ठहराव दे देता है। शकील बदायूनी ने इस गीत को लिखा है। रवि ने इसमें अपना लोकप्रिय संगीत दिया है। गीतों के सरताज मोहम्मद रफी ने इसमें हमेशा की तरह अपनी कर्णप्रिय आवाज दी है। फिल्म में गुरुदत्त के दमदार अभिनय और मो. रफी की कर्णप्रिय आवाज के चलते मो. रफी को इस गीत के लिए बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड दिया गया। इसके साथ ही दो अन्य अवॉर्ड भी इस फिल्म को मिले। जिसमें शकील बदायूनी को फिल्म फेयर अवॉर्ड बेस्ट लिरिसिस्ट और आर्ट डायरेक्टर बिरेन नग को बेस्ट आर्ट डायरेक्शन का अवॉर्ड मिला। यह फिल्म दूसरे मकाऊ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में अपना स्थान बनाने में सफल हुई।

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