आज मातृभाषा को नहीं बचाया तो आने वाली पीढ़ी उधार की भाषा बोलेगी : नायडू
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय का तीसरा दीक्षांत समारोह में 2009 से 2017 बैच के पासआउट पीजी, एमफिल, पीएचडी होल्डर्स 282 स्टूडेंट्स को डिग्रियां दी गईं। विधानसभा सभागृह में बुधवार को आयोजित समारोह में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने स्टूडेंट्स को ये डिग्रियां प्रदजान कीं। इस दौरान 201 स्टूडेंट्स को मास्टर्स, 39 एमफिल, 27 को पीएचडी और 3 कैंडिडेट को डिलीट की मानद उपाधि के साथ ही वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव, माधव गोविंद वैद्य और अमृतलाल बेगड़ को वाचस्पति डिलीट की मानद उपाधि दी गई। समारोह का मुख्य आकर्षण था, स्टूडेंट्स और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सहित अतिथियों की परंपरागत वेशभूषा। दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा सहित बड़ी संख्या में विवि के स्टूडेंट्स मौजूद थे।
2009 से 2017 बैच के पीजी, एमफिल, पीएचडी होल्डर्स 282 स्टूडेंट्स को दीं डिग्रियां, वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव, माधव गोविंद वैद्य और अमृतलाल बेगड़ को वाचस्पति की मानद उपाधि से नवाजा
समाज का विकास ही आपका लक्ष्य होना चाहिए
उपराष्ट्रपति ने कहा कि छात्रों का उद्देश्य सिर्फ डिग्री या उपाधि लेना नहीं होना चाहिए, बल्कि उनका लक्ष्य समाज को आगे बढ़ाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के सभी कोर्स भारतीय और मातृभाषा में संचालित हों। हमने यदि आज मातृभाषा को बचाने के लिए नहीं सोचा तो आने वाली पीढ़ी को उधार की भाषा बोलनी पड़ेगी।