ऊंटों पर सामूहिक बारात, उपहार में तुलसी के पौधे भी
भोपाल| अक्षय तृतीय पर बुधवार को शहर में विभिन्न स्थानों पर हुए सामूहिक विवाह सम्मेलन के चलते ट्रैफिक जाम के हालात बने रहे। विवाह सम्मेलन में भाग लेने निकली बारातों के कारण वाहन जाम में फंसे रहे। इससे वाहन चालकों को करीब आधा घंटे तक परेशान होना पड़ा। कोलार रोड पर निकली बारात के कारण सुबह 10 बजे से ही जाम लग गया था। इस सड़क पर दोपहर 12 बजे तक वाहन रेंगते रहे। यहां करीब डेढ़ किमी तक ट्रैफिक जाम रहा। दो पहिया वाहन चालक गलियों से अपने वाहन निकालने की काेशिश करते रहे। यही स्थिति बैरसिया रोड से करोद चौराहा तक भी रही। यहां सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक वाहनों की काफी आवाजाही रही। इस दौरान लोगों को कई बार ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। वहीं काली मंदिर से भारत टॉकीज के बीच भी शाम तक ट्रैफिक जाम की स्थिति रही। इसी तरह ग्यारह सौ क्वार्टर स्थित मंदिर से बिट्टन मार्केट तक शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक बारात के कारण जाम के हालत बने रहे।
फिजूलखर्ची और समय की बचत के लिए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के सामूहिक विवाह सम्मेलनों में लिए सात फेरे
1- तनुज विश्वकर्मा (27)। निवासी शिव नगर भोपाल। रेल मंडल में मैकेनिकल इंजीनियर हैं। वे वर्तमान में इटारसी में पदस्थ हैं। उनके पिता व्यवसायी हैं। उनका विवाह 25 वर्षीय खुशबू विश्वकर्मा से हुआ, जो आर्किटेक्ट हैं। दोनों ने बताया कि सम्मेलन से विवाह करने का मकसद शादी समारोह में होने वाली फिजूलखर्ची से बचना था।
2- नीलेश नामदेव (28)। निवासी रोशनपुरा। इनकी मोबाइल फोन की शाप है। पिता रामकुमार नामदेव की टेलरिंग शॉप है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर है। नीलेश विवाह शाहजहांनाबाद की आशा नामदेव से हुआ। वे बीकॉम कर चुकी हैं। दोनों ने कहा कि आजकल होने वाले विवाह समारोह बहुत खर्चीले होते हैं। इनसे बचने के लिए सम्मेलन से विवाह करने का फैसला किया।
3-कौशल किशोर पेशे से वैद्य हैं। वे शिवाजी नगर स्थित एक आयुर्वेदिक सेंटर में कार्यरत हैं। स्वयं का एक एनजीओं भी चलाते हैं। उनका विवाह बिहार की कल्याणी भार्गव से हुआ है। वे बीए तक पढ़ी हैं। इनका कहना है कि शादी की तैयारियों में लगने वाला समय व धन की बचत करने के उद्देश्य से उन्होंने सम्मेलन में शादी करने का फैेसला किया।
करोंद रतन कॉलोनी : 392 जोड़ों के विवाह, निकली सामूहिक बारात
करोंद त्रिदेवी मां वैष्णो जनकल्याण दरबार समिति के तत्वाधान में 392 जोड़ों के विवाह करोंद रतन कॉलोनी स्थित ग्राउंड में कराए गए। इसके पूर्व सभी दूल्हों की साामूहिक बारात निकाली गई। सहकारिता राज्य मंत्री विश्वास सारंग व आयोजन समिति के अध्यक्ष विनोद पलया ने सभी जोड़ों का स्वागत किया। दूसरी ओर यादगार शाहगहजहांनी पार्क में खटीक समाज के 51 जोड़ों के विवाह कराए गए। करोंद में माली-सैनी समाज के भी कई जोड़ों के विवाह हुए।
पाल समाज के सम्मेलन में 75 जोड़ों का विवाह
पाल समाज के 75 जोड़ों के विवाह दशहरा मैदान बिट्टन मार्केट में हुए। इसके पूर्व पाल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैतान सिंह पाल की उपस्थिति में शाहपुरा चौराहा से बैंड-बाजों के साथ समाज के सभी दूल्हों की सामूहिक बारात निकाली गई। इसमें दूल्हे ऊंट पर और दुल्हनें रथों में सवार थीं।
पुलिस तैनात करना पड़ी
ताकि बाल विवाह न हो
चांदबड़ निवासी एक युवती की उम्र 17 साल आठ माह की थी। नाबालिग युवती की शादी की सूचना चाइल्ड लाइन को मिली थी। चाइल्ड लाइन की टीम ने जाकर जब परिजनों को बच्ची की शादी रोकने के लिए कहा तो युवती के परिजन टीम को मारने उतारू हो गए। उसके बाद तलैया थाने के पुलिस बल ने परिस्थितियों को संभाला। वहीं परिजनों ने शादी नहीं होने के मामले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दोषी देते हुए देख लेने की धमकी दी। इसके बाद पुलिस बल को वहां पर तैनात किया गया है। वहीं बैरसिया तहसील के सोहाया गांव में एक 16 साल की नाबालिग की शादी की जा रही थी। बैरसिया की परियोजना अधिकारी ने पहुंचकर बाल विवाह रुकवाया। यादगार शाहजहांनी पार्क में दो नाबालिग लड़कियों की शादी की शिकायत बाल आयोग को मिली। महिला सशक्तिकरण कर्मचारियों और चाइल्ड लाइन की टीम के साथ पहुंचकर कार्रवाई की। दस्तावेज में दोनों युवतियों ने तीन माह पहले ही 18 साल पूरे किए। इसके बाद शादी प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दी।
फोन नहीं उठाए: बाल विवाह रोकने के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम में कर्मचारियों ने फोन नहीं उठाए। इसमें कंट्रोल रूम के दोनों नंबर 0755-2530110, 2731184 और महिला सशक्तिकरण अधिकारी अंजू श्रीवास्तव का मोबाइल नंबर भी शामिल है।