लगभग तीन साल पहले मैंने टीवी सीरियल ‘नागार्जुन’ में अभिनय किया था, तो पेरेंट्स को लगा कि अब मैं इंडस्ट्री में पूरी तरह से स्टेब्लिश्ड हो गया हूं, लेकिन सच कहूं तो इंडस्ट्री में स्टेब्लिश्ड कोई नहीं होता। एक प्रोजेक्ट के बाद दोबारा से नए सिरे से अगले प्रोजेक्ट के लिए मशक्कत करना होता है। यह कहना है हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘राजी’ में काम कर चुके अमन वशिष्ठ का। अमन ने मेघना गुलजार द्वारा निर्देशित इस फिल्म में रॉ एजेंट निखिल बख्शी का किरदार निभाया है। अमन मूलतः: भोपाल निवासी हैं और पिछले पांच सालों में सिने इंडस्ट्री के अलग-अलग प्रोजेक्ट पर काम कर चुके हैं।
20 दिन में शॉर्टलिस्ट का आया मैसेज
एक दिन मुझे सूचना मिली की फिल्म के लिए ऑडिशन हो रहे हैं। उस समय तक फिल्म का नाम डिस्क्लोज़ नहीं किया गया था। सभी की तरह मैं भी ऑडिशन में पहुंचा। मैंने एक बार में ऑडिशन बिना फम्बल के क्लियर किया। मुझे यकीन तो था कि मेरा सिलेक्शन हो जाएगा, लेकिन 10 दिन तक कॉल न आने से निराशा हुई। लगभग 20 दिन बाद कॉल आया कि आपको शॉर्टलिस्ट कर लिया गया है।
भोपाल में किया थिएटर
मुझे एक्टिंग का शौक था। पेरेंट्स ने ग्रेजुएशन के बाद मुझे थिएटर से जुड़वाया। इस दौरान मैंने अशोक बुलानी के निर्देशन में नाटक ताजमहल का टेंडर में अभिनय किया। थिएटर के साथ-साथ एक्टिंग की बारीकियां सीखने के बाद मुंबई का रुख किया।