व्यंग्य गोष्ठी में साहित्यकारों ने स्वालिखित रचनाएं सुनाईं।
सिटी रिपोर्टर | भोपाल
व्यंग्यकार शरद जोशी की जयंती के अवसर पर विश्व संवाद केंद्र में व्यंग्य गोष्ठी हुई। अखिल भारतीय साहित्य परिषद की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार हरि जोशी ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि घनश्याम सक्सेना ने शरद जोशी के संस्मरण सुनाए। व्यंग्यकार शांति लाल जैन ने मंचीय कविता पर बढ़िया व्यंग्य सुनाया। विजी श्रीवास्तव ने प्रायोजित हम व्यंग्य में साहित्य छप रहा है, साहित्य खप रहा है सम्मान प्रायोजित है.., रचना सुनाई। अरुण खरे ने राधा और मैं व्यंग्य में फेसबुक के रिश्तों पर व्यंग्य सुनाया। डाॅ. साधना बलवटे ने हिंदी और श्राद्ध को व्यंग्य में सुनाया कि पुरखे और हिंदी दोनों ही सितम्बर के महीने में बड़ी जोर से याद आते हैं। शीला मिश्रा ने काश में अभिनेता होता अपराध करने से नहीं चूकता... सुनाया। इस अवसर पर आशा शर्मा चरनजीत सिंह कुकरेजा, विजया तैलंग ने भी रचनाएं सुनाईं।