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नए सत्र से स्कूली छात्राओं को बताएंगे ‘गुड टच-बैड टच’

3 वर्ष पहले
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डीबी स्टार भोपाल/इंदौर

अड़ोस-पड़ोस से लेकर स्कूल तक हर जगह बच्चियां असुरक्षित हैं। बच्चियों के शोषण की घटनाएं आए दिन पढ़ने-सुनने को मिलती रहती हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सरकार अब ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू कर रही है। लर्निंग-शेयरिंग पैटर्न पर दी जाने वाली इस प्रैक्टिकल एजुकेशन में पैरेंट्स को भी गाइड किया जाएगा।

यानी बच्चों को घर और स्कूल दोनों जगह सिखाया जाएगा कि अच्छा और बुरा स्पर्श क्या होता है? इस दौरान बच्चियों को बताया जाएगा कि जब कोई बुरा स्पर्श करे तो उन्हें क्या करना चाहिए? 14 जून से नया शिक्षा सत्र शुरू होगा। सत्र की शुरुआत से ही कक्षाओं और प्रार्थना सभा में बच्चों को गुड टच-बैड टच की शिक्षा दी जाएगी। इसके पीछे मकसद यह है कि बच्चों के साथ कोई अप्रिय घटना होने से पहले ही वे अलर्ट हो जाएं। संदिग्ध व्यक्ति की पहचान हो जाए, ताकि भविष्य में कोई अनहोनी न हो। शेष पेज 2 पर

ताकि बच्चियां अलर्ट और सेफ रहें

 नए सत्र से स्कूलों में बच्चों को गुड टच-बैड टच के बारे में जानकारी दी जाएगी। इससे खासकर बच्चियां अलर्ट और सेफ रह सकेंगी। वह बुरी नजर वाले लोगों की पहचान कर सकेंगी और टीचर या परिजन को बता सकेंगी। इस प्रोग्राम का उद्देश्य ही यह है कि बच्चों में अच्छे-बुरे स्पर्श की समझ पैदा हो सके। जेके शर्मा, संयुक्त संचालक, स्कूल शिक्षा

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