गांधी मेडिकल कॉलेज परिसर में किला फतेहगढ़ क्षेत्र में एक बुर्ज पर बनी ढाई सीढ़ी मस्जिद 300 साल पुरानी है। मस्जिद तक पहुंचने के लिए ढाई सीढ़ियां होने से इसे इसी नाम से पुकारा जाने लगा। यहां कमरे भी ढाई हैं। समय बीतने के साथ-साथ मस्जिद का विस्तार भी किया गया। फतेहगढ़ किले की सुरक्षा के लिए तैनात फौजियों के नमाज अदा करने से मस्जिद अस्तित्व में आई। उस दौर में यहां फौजी नमाज अदा करते थे। तब से शुरू हुआ यह सिलसिला जारी है। बुर्जुर्गों की मानें तो संभवत: ये भोपाल की पहली मस्जिद भी है। 1716 में दोस्त मोहम्मद खान के वक्त अस्तित्व में आई थी। इतिहासकारों की मानें तो एशिया की सबसे छोटी मस्जिद ढाई सीढ़ी ही है।