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न्यूरो न्यूट्रीशंस फूड से मूड स्विंग्स, डिप्रेशन व चिड़चिड़ापन होगा कम

3 वर्ष पहले
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बेंगलुरू में पिछले दिनों देश की पहली नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ न्यूरो न्यूट्रीशंस हुई, जिसमें चर्चा हुई कि लाइफस्टाइल और खानपान की बदली आदतों के कारण न्यूरो न्यूट्रीशन, डाइट से कम होता जा रहा है, जिसका नतीजा चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन, मूड स्विंग्स आदि के रूप में दिखाई दे रहा है। अधिकांश लोग खाने का चयन स्वाद या वेस्टलाइन से तय करते हैं, लेकिन स्मार्ट फूड चॉइस वही है, जिसमें न्यूरो न्यूट्रीशंस को तवज्जो दी जाए। ब्रेन फंक्शनिंग सही होने पर ही सभी अंग ठीक से काम करते हैं। यह वैज्ञानिक तथ्य है कि ब्रेन 60 से 70 फीसदी फैट से बना होता है, लेकिन हम अपनी डाइट से फैट को कम करते जा रहे हैं। वो भी यह सोचकर कि इससे वजन कम और कमर पतली रहेगी, लेकिन तथ्य यह है कि हम बैड फैट कम करने की बजाए गुड फैट को कम करते जा रहे हैं, जो कि ब्रेन को प्रॉपर ग्लूकोज की पूर्ति और उसकी फंक्शनिंग के लिए जरूरी है।

जरूरी है सिरोटोनिन

डॉ. विनीता मेवाड़ा कहती हैं, ग्लूकोज का स्तर बनाए रखने के लिए कार्बोहाइड्रेट डाइट भी लें। न्यूरो न्यूट्रीशन से ब्रेन फंक्शनिंग अच्छी रहती है, जिससे सिरोटोनिन का सिक्रेशन होता है, जो कि अच्छी नींद के लिए जरूरी है। ब्रेन के लिए नींद जरूरी है। सिरोटोनिन हैप्पी हार्मोन है, इसलिए इसका ब्रेन में बनना जरूरी है।

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