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जमीन विवाद के कारण ये काम भी अधर में

3 वर्ष पहले
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डीबी स्टार भोपाल

पॉलीटेक्निक चौराहे से भारत माता मंदिर डिपो चौराहे तक करीब दो किमी लंबी निर्माणाधीन स्मार्ट रोड का निर्माण भी जमीन विवाद के चलते अटका हुआ है। इसमें से भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा 29 करोड़ रुपए की लागत से स्मार्ट रोड बनाया जाना है। अब तक करीब 60 फीसदी ही काम हो पाया है। हसनात नगर वाले हिस्से में रोड के दायरे में आने वाले निर्माण को दूसरी जगह शिफ्ट करने का काम साल भर से अटका हुआ है। यह काम नौ महीने में पूरा होना था, लेकिन 16 महीने बाद भी पूरा नहीं हो पाया। इसी प्रकार मोती मस्जिद से पीरगेट रोड तक एक किमी सड़क चौड़ीकरण का काम भी अटका हुआ है। लगभग 40 करोड़ रुपए लागत की इस सड़क के निर्माण में 60 अवैध निर्माण आड़े आ रहे हैं। इन्हें साल भर बाद भी नहीं हटाया जा सका है, जबकि इस हिस्से पर वन-वे होने के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। पिछले चार वर्षों से निगम बजट में प्रावधान करता आ रहा है। तीसरा मामला नवबहार सब्जी मंडी में आधुनिक बस स्टैंड बनाए जाने का है। यहां 10 एकड़ जमीन चिन्हित की गई थी और 133 करोड़ रुपए लागत तय की गई। पीपीपी मोड से आधुनिक बस स्टैंड और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाया जाने वाला था। सब्जी मंडी से रेलवे स्टेशन प्लेटफाॅर्म नंबर छह तक आने-जाने के लिए एक किमी लंबा स्काईवॉक भी बनाने की योजना है। निगम ने अपने बजट में इसका प्रावधान किया था। लेकिन अब तक निगम को यह जमीन शासन द्वारा आवंटित नहीं की गई। आधुनिक बस स्टैंड बनाने के लिए अब तक न तो डीपीआर तैयार हो पाई और न ही इसके टेंडर हो पाए। यह भी पता चला है कि मप्र वक्फ बोर्ड ने इस जमीन पर अपनी दावेदारी कर दी है।

29 करोड़ रुपए की लागत से स्मार्ट रोड बनाया जाना है। अब तक 60 फीसदी काम हुआ है

10 एकड़ क्षेत्र में नवबहार सब्जी मंडी में आधुनिक बस स्टैंड बनना है। इस पर 133 करोड़ रु. खर्च होंगे

अवमानना याचिका विचाराधीन है

 माता मंदिर में जिस खसरे की जमीन पर निगम मुख्यालय भवन बनाना चाहता है उस जमीन पर पीएचई का 50 सालों से आधिपत्य है। हाईकोर्ट में अवमानना याचिका भी विचाराधीन है। निगम अधिकारियों से नक्शा मांगा था तो उन्होंने कोटरा सुल्तानाबाद की जमीन पर बनाना दिखा दिया और खसरा पीएचई की जमीन का लगाया। यह लोग खुद कन्फ्यूज हैं। बार-बार कोर्ट की अवमानना करते हैं और जवाब भी नहीं देते। खुर्शीद सिद्दीकी, अध्यक्ष सेवानिवृत्त कर्मचारी-अधिकारी पेंशनर्स महासंघ

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