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नियुक्ति पत्र देखकर आश्चर्यचकित रह गए केंद्र निदेशक

3 वर्ष पहले
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डीबी स्टार भोपाल/इंदौर

मंगलवार को कुछ युवक नवलखा स्थित दूरदर्शन केंद्र पहुंचे। उनके हाथ में डीडी पत्रकार के रूप में चयनित होने का नियुक्ति पत्र था। उन्होंने निदेशक को पत्र सौंपकर ट्रेनिंग के बारे में जानकारी लेना चाही। नियुक्ति पत्र देखकर दूरदर्शन केंद्र इंदौर के निदेशक आश्चर्य में पड़ गए। उन्हें पहली नजर में ही समझ आ गया कि नियुक्ति पत्र फर्जी है, क्योंकि दूरदर्शन ने ऐसी कोई भर्ती निकाली ही नहीं है। दिल्ली से भी इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं। नौकरी की आस लेकर आए युवकों से उन्होंने कहा कि आपके साथ ठगी हुई है। हमारे यहां न तो कोई वेकेंसी है और न ही हमने कोई विज्ञप्ति निकाली है। आपके हाथ में जो नियुक्ति पत्र है, वह फर्जी है। निदेशक की बात सुनकर ठगाए युवाओं के पैरों तले जमीन खिसक गई। मामले की हकीकत जानने के लिए डीबी स्टार ने फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के सदस्य से विज्ञप्ति में दिए गए मोबाइल नंबर 8447625350 और 01122752896 पर आवेदक बनकर बात की।

दूरदर्शन अधिकारी बनकर बात करने वाले गौरव ने बताया कि आप हमारी वेबसाइट www.ddbroadcaster.com पर ऑनलाइन आवेदन कर दें। अपने फोटो के साथ ही पहचान पत्र और 12वीं या उससे अधिक पढ़ाई की मार्कशीट भी अपलोड कर दें। आपका आवेदन मिलते ही उसे चयन प्रक्रिया में शामिल कर लेंगे। जल्दी कीजिए, सीट सीमित हैं। आपके बोलने का तरीका बहुत अच्छा है। आपका तो पक्का चयन हो जाएगा। आपको हम तुरंत नियुक्ति पत्र दे देंगे। बस आपको सुरक्षा निधि के 15,540 रुपए जमा कराना होंगे। जब गौरव से बैंक अकाउंट नंबर मांगा तो उसने कहा कि पहले आप आवेदन कीजिए, उसके बाद हम बैंक खाता आपको एसएमएस कर देंगे।

सैकड़ों लोगों को ठग चुके

डीबी स्टार ने जब पीड़ित युवाओं से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि दूरदर्शन में नौकरी के नाम पर प्रदेश के 100 से अधिक युवाओं के साथ ठगी की गई है। यदि पूरे देश में ठगी का शिकार हुए बेरोजगारों की संख्या निकालेंगे तो हजारों में होगी। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, देवास सहित कई जिलों के नौजवान इस विज्ञापन के झांसे में आ चुके हैं। आसानी से सरकारी नौकरी लगने के मोह में बेरोजगारों ने उधार रुपए लेकर जमा किए हैं। जब पीड़ित युवा दूरदर्शन केंद्र शिकायत करने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनके साथ दूरदर्शन ने नहीं, बल्कि बदमाशों के गिरोह ने ठगी की है। युवाओं से दिनेश त्रिपाठी के नाम से पंजाब नेशनल बैंक के निजी खाते में राशि जमा कराई गई। जबकि सरकार किसी अधिकारी के निजी खाते में राशि जमा करने का नहीं कहती हैं।

झांसे में न आएं

 दूरदर्शन में नौकरी का झांसा देने वाले गिरोह की जानकारी सीबीआई को दे दी है। इंदौर पुलिस को भी शिकायत की है। दिल्ली दूरदर्शन केंद्र को भी बताया है। युवाओं से कहना चाहते हैं कि दूरदर्शन ने किसान चैनल के लिए कोई भर्ती नहीं निकाली है। वह किसी विज्ञापन के झांसे में न आएं। विजेंद्र बरानिया, कार्यालय प्रमुख, दूरदर्शन केंद्र, इंदौर

प्रलोभन में फंसे

 नौकरी के नाम पर इतने प्रलोभन दिए गए कि सुविधाएं देखकर हम झांसे में आ गए। हमें नियुक्ति पत्र देने के बाद राशि जमा करने को कहा गया। नियुक्ति पत्र देखकर सहज अनुमान नहीं लगाया जा सकता है कि वह नकली है। ट्रेनिंग से पहले राशि जमा करने की शर्त रखी गई तो हमने 15540 रुपए जमा कर दिए। केदार वर्मा, सोमेश चौहान, नावेद खान, ठगाए युवक

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