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परीक्षा में सर्वर की दिक्कत के बाद यू-ट्यूब पर हुए वायरल वीडियो ने क्लेट में बैठे उम्मीदवारों को किया परेशान

3 वर्ष पहले
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एनएलआईयू सहित देशभर के नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए आयोजित कॉमन ला एंट्रेंस टेस्ट (क्लेट) के लिए स्थाई बॉडी बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लंबित है। इस मांग को 13 मई को हुए क्लेट-2018 में आई समस्याओं ने बढ़ावा देने का काम किया है। उम्मीदवार व उनके अभिभावक यूट्यूब पर वायरल वीडियो को लेकर भी परेशान हो रहे हैं। देश के किसी एक सेंटर पर बनाए गए इस वीडियो में कुछ कैंडीडेट्स 4 घंटे का समय मिलने का दावा कर रहे हैं।

सर्वर की दिक्कत के कारण भोपाल के कुछ केंद्रों पर भी उम्मीदवारों को परेशान होना पड़ा। हालांकि पेपर हल करने के लिए उन्हें पूरे दो घंटे दिए जाने का दावा किया गया है। उम्मीदवार व उनके अभिभावक चाहते है कि व्यवस्थाओं में सुधार होना चाहिए। इनका कहना है कि इससे सभी पर वेवजह का दबाव बनता है। क्लेट में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले प्रो. शमनाद बशीर का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में गड़बड़ी हो रही हैं। परीक्षा का आयोजन कराने के बाद विश्वविद्यालय जवाबदेही से मुकर जाते हैं। क्लेट के लिए एक स्थानीय निकाय बनने से स्टैंडर्ड मेनटेन होगा साथ ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी। उन्होंने कहा कि दोबारा परीक्षा कराना ही एकमात्र विकल्प है। प्रो. बशीर द्वारा 2015 में याचिका दायर कर क्लेट को संस्थागत करने की मांग की थी। मंगलवार को भी इस मामले में सुनवाई हुई।

क्लेट के आयोजन के लिए स्वतंत्र निकाय बनाने की मांग

इस साल एनएयूएएलएस कोच्चि

के पास क्लेट की जिम्मेदारी

क्लेट के आयोजन के लिए अभी कोई स्थायी संस्था नहीं है। हर बार अलग-अलग एनएलयू को इसके आयोजन की जिम्मेदारी मिलती है। इस बार एनएयूएएलएस कोच्चि क्लेट का आयोजन करा रहा है। इसकी कोर कमेटी में देश के सभी एनएलयू के कुलपति व डायरेक्टर शामिल होते हैं। इंप्लीमेंटेशन कमेटी में रजिस्ट्रार होते हैं।

पिछली परीक्षाओं में ये गड़बड़ी सामने आईं

एनआरआई कोटे की सीट पर एडमिशन के लिए तय नियमों का पालन नहीं होता। क्लेट में पूछे जाने वाले प्रश्नों में से लगभग 30 प्रतिशत प्रश्नों में एरर्स होते हैं। क्लेट का आयोजन कराने वाले एनएलयू उनके द्वारा जारी शेड्यूल का पालन नहीं कर पाते।

कोर कमेटी की बैठक में इस मुद्दे पर होगी चर्चा

इस बार क्लेट का आयोजन एनएयूएएलएस कोच्चि द्वारा किया जा रहा है। क्लेट-2018 को लेकर जल्द ही कोर कमेटी की बैठक होनी है। इस बैठक में इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी। उम्मीदवारों के जो भी रिप्रजेंटेशन होंगे उन पर चर्चा होगी। साथ ही व्यवस्था को दुरुस्त करने पर भी चर्चा होगी। मप्र में सर्वर की अधिक समस्या नहीं रही। रही भी तो उन्हें पूरे दो घंटे का समय दिया गया। अभी मैं लखनऊ में हूं तो यहां पर भी सर्वर डाउन होने की समस्या सामने आई है। प्रो. मुकेश श्रीवास्तव, कार्यवाहक डायरेक्टर

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