पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • स्मार्ट सिटी एरिया में न्यू मार्केट जैसे बाजार डेवलप हों, वहां छोटे व्यापारियों को बसाएं

स्मार्ट सिटी एरिया में न्यू मार्केट जैसे बाजार डेवलप हों, वहां छोटे व्यापारियों को बसाएं

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्टर | भोपाल

टीटी नगर में स्मार्ट सिटी के डेवलपमेंट के साथ यहां मॉल जैसे बड़े मार्केट खुल जाएंगे तो जवाहर चौक और आसपास के हम 250 से अधिक व्यापारी कहां जाएंगे। इसी एरिया में न्यू मार्केट जैसा बाजार विकसित हो और यहां हमें विस्थापित किया जाए। जवाहर चौक के व्यापारियों ने यह सुझाव लैंडयूज बदलाव के लिए जारी नोटिफिकेशन पर दिया है।

इस पर मंगलवार को टी एंड सीपी डायरेक्टर गुलशन बामरा सुनवाई करेंगे। जवाहर चौक व्यापारी संघ के संरक्षक विकास बोंदरिया ने कहा कि जवाहर चौक पानी की टंकी के पास 136 दुकानें हैं। लगभग इतनी ही दुकानें मॉडल स्कूल की बाउंड्री वॉल और इसके आसपास हैं। प्रस्तावित प्लान में यहां 2.5 और 3 एफएआर किया जा रहा है। इस एफएआर में यहां मॉल और दूसरे बड़े शो रूम खुल जाएंगे। लेकिन भोपाल शहर के चरित्र को देखते हुए छोटे- छोटे दुकानदारों के लिए भी कोई इंतजाम होना चाहिए। न्यू मार्केट जैसा एक बाजार यहां डेवलप किया जाना चाहिए।







लेकिन इसके लिए मास्टर प्लान में जमीन निर्धारित करना पड़ेगी।





बुलेवर्ड स्ट्रीट... लैंडयूज में बदलाव से पहले इस सड़क का निर्माण होने पर भी सवाल

सरस्वती नगर से मॉडल स्कूल जाने वाली सड़क बंद न करें, इसे बढ़ाएं

इसके अलावा मास्टर प्लान में सरस्वती नगर से मॉडल स्कूल तक जाने वाली सड़क को समाप्त करने का प्रावधान किया गया है। इससे स्थानीय रहवासियों को परेशानी होगी। इस सड़क को न केवल बरकरार रखा जाए बल्कि इसे 60 फीट से बढ़ाकर 80 फीट किया जाए।

लैंडयूज में बिना बदलाव बुलेवर्ड स्ट्रीट का निर्माण कैसे शुरू हुआ

इसके अलावा लैंडयूज में बदलाव किए बिना माता मंदिर स्थित प्लेटिनम प्लाजा से जवाहर चौक तक बुलेवर्ड स्ट्रीट का निर्माण भी तकनीकी रूप से गलत है। अभी तो यहां आवासीय लैंडयूज है और मकानों को तोड़कर व पेड़ काटकर सड़क बनाई जा रही है।

सुनवाई आज.... स्मार्ट सिटी के मास्टर प्लान के अनुसार लैंडयूज में बदलाव पर

यह है मास्टर प्लान में

टीटी नगर में स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट के लिए जारी मास्टर प्लान में 45 से 75 मीटर ऊंची बिल्डिंग प्रस्तावित की गईं हैं। लगभग 1.5 डेढ़ करोड़ वर्ग फीट की जिस जमीन का लैंड यूज अभी केवल रेसीडेंशियल है उसे बदल कर रेसीडेंशियल के साथ कमर्शियल, आमोद- प्रमोद, सार्वजनिक सेवाएं व सुविधाएं में बदला जा रहा है। इस बदलाव की मंजूरी के बाद यहां स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट शुरू हो सकेगा।

एमएलए क्वार्टर्स को आवासीय बताया गया है मास्टर प्लान में

सूत्रों के मुताबिक स्मार्ट सिटी के प्रस्तावित मास्टर प्लान में एमएलए क्वार्टर्स को आवासीय बताया गया है, जबकि यहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रहीं हैं। यदि यह बदलाव नहीं किया गया तो भविष्य में नए विवाद जन्म ले सकते हैं।

खबरें और भी हैं...