कोपरा, गिट्टी, मुरम और बोल्डर की खदानों के आसपास तार फेंसिंग नहीं कराने वालों पर अब खनिज विभाग सख्ती की तैयारी कर रहा है। इसके लिए इन खदान संचालकों पर खदान के भू-भाटक के हिसाब से दोगुना जुर्माना किया जाएगा। खनिज विभाग की टीम के सर्वे में ऐसी अस्सी फीसदी खदानें सामने आईं हैं, जिनके आसपास तार फेंसिंग नहीं की गई है। इसको देखते हुए विभाग ने आधा दर्जन खदान संचालकों को नोटिस देकर जवाब मांगा है।
बारिश में हादसे रोकने के लिए दो साल पहले तत्कालीन कलेक्टर निशांत वरवड़े ने खदानों के बाहर तार फेंसिंग करने के आदेश जारी किए थे। आदेश का पालन न करने वालों पर जुर्माना और खदान का पट्टा निरस्त करने तक के आदेश थे। जिसको देखते हुए जिला खनिज अधिकारी ने बारिश के पहले ही खदानों का सर्वे कराया तो पता चला कि आदेश का पालन ज्यादातर खदान संचालक नहीं कर रहे हैं। शहर में ऐसी 80 फीसदी खदानें हैं, जिनके आसपास फेंसिंग नहीं की गई है। इसके पहले पिछले साल हुजूर में ऐसी ही खुदी पड़ी खदान में तार फेंसिंग न होने से दो बच्चों की डूबकर मौत हो गई थी।
इनको दिए नोटिस
जिन खदानों के आसपास ज्यादा खतरा है वहां अभी से नोटिस भी जारी कर दिए हैं। ये खदानें आदमपुर छावनी स्थित क्रेशर खदान संचालक संध्या गर्ग, हिनोतिया सड़क स्थित स्टोन क्रेशर खदान संचालक साधना मालवीय चांदबड़ कदीम स्थित स्टोन क्रेशर खदान संचालक पवन भदौरिया की हैं।