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रात में स्टाफ क्वार्टर में जिंदा जले आईटीआई के ट्रेनिंग ऑफिसर, कमरे में झुलसा मिला शव

3 वर्ष पहले
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52 वर्षीय दिनेश जैमिनी मॉडल आईटीआई में प्रशिक्षण अफसर थे। वे एफ-6 ए आईटीआई स्टाफ क्वार्टर में अपने 23 वर्षीय बेटे अंकेश जैमिनी के साथ रहते थे। रविवार रात करीब सवा दो बजे अंकेश की नींद धुएं के कारण खुल गई। पापा के कमरे से आग लगी देख उसने पड़ोसियों को जगाना शुरू किया। सभी ने बाल्टियों से पानी कमरे की तरफ फेंकने का प्रयास किया, लेकिन धुएं और आग के कारण कोई भी वहां तक नहीं पहुंच पा रहा था। ऐसे में लोगों ने गैलरी से हाल में पानी फेंकना शुरू कर दिया। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंच गई। उन्होंने पानी की बौछार छोड़ते हुए दिनेश के कमरे का दरवाजा तोड़ा। आग और धुंआ कम होने पर जब वे अंदर दाखिल हुई, तो दिनेश एक कोने में झुलसे मिले।

पड़ोस में रहने वाले जेएस चंदेल ने बताया कि दिनेश जैमिनी की पहली प|ी आद्रा की 1999 में मौत हो गई थी। उसके बाद उनके छोटे बेट हर्ष उर्फ अन्नू की वर्ष 2009 में डूबने से मौत हो गई थी। वे बहुत अधिक शराब पीने लगे थे। उन्होंने दूसरी शादी की थी, लेकिन दूसरी प|ी भी उन्हें छोड़कर जा चुकी थी। दिनेश शराब छोड़ने के लिए नशामुक्ति केंद्र में एक महीने रहे, लेकिन पिछले 15 दिन से वे सुबह-शाम शराब पीने लगे थे। सिगरेट भी बहुत अधिक मात्रा में पीते थे।

आईटीआई के स्टाफ क्वार्टर ए-6 की दूसरी मंजिल पर रहने वाले मॉडल आईटीआई के अफसर की कमरे में झुलसने से मौत हो गई। बेटे और पड़ोसियों ने बाल्टियों से पानी फेंककर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन वे उन्हें नहीं बचा पाए। दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचने पर वे एक कोने में बैठी हुई हालत में झुलसे मिले।

रात सवा दो बजे... सबसे पहले बेटे ने पिता के कमरे से धुआं उठते देखा

धुआं देखा....पड़ोस के कमरे में बेटे अंकेश ने पिता के कमरे से धुआं उठता देखाा।

यहां मिला शव कमरे के इसी कोने में बैठी हुई अवस्था में मिले दिनेश

आग बुझाने की कोशिश....बेटे ने पड़ोसियाें को जगाया और आग बुझाने की कोशिश की।

पुलिस का अंदाजा

दिनेश पुलिस को एक कोने में बैठी हुई हालत में मिले। पुलिस को आशंका है कि आग लगने के बाद धुएं से दम घुटने के कारण उनकी नींद खुली होगी। वे दरवाजे की तरफ न जाकर बेड की दूसरी तरफ उतर गए होंगे। धुएं से दम घुटने से वे कोने में बैठ गए और आग से झुलस गए होंगे।

11 बजे दोबारा जल उठी थी आग-जेएस चंदेल ने बताया कि दोपहर करीब 11 बजे कमरे से दोबारा धुआं निकलने लगा। उन्होंने लोगों के साथ कमरे में रखी अलमारी में पानी फेंकते हुए उसे खोला तो बड़ी मात्रा में किताबें और अन्य सामान में आग लगी थी। इसी के कारण दोबारा आग भड़क गई थी।

दरवाजा तोड़ा....पुलिस व फायर अमले की मदद से दरवाजा तोड़ा। कोने में मिला दिनेश का शव।

इसलिए सिगरेट से आग की संभावना ज्यादा

अशोका गार्डन थाने के विवेचना अधिकारी आरपी सिंह के अनुसार दिनेश शराब और सिगरेट पीते थे। अब तक की जांच में शॉर्ट सर्किट के प्रमाण नहीं मिले। ऐसे में बहुत अधिक संभावना सिगरेट से आग लगने की है।

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