सोमवार को शहर में रात सबसे ज्यादा तपी। रात में तपिश ऐसी थी कि अाधी रात से सुबह होने तक पारा सिर्फ 2.6 डिग्री ही नीचे खिसक सका। रात 11.30 बजे पारा 34 डिग्री पर था। यह तड़के 5.30 बजे 31.4 डिग्री पर ही आ सका। यह इस सीजन में रात में पारे की सबसे कम रफ्तार की चाल रही। एक्सपर्ट कहते हैं कि इसकी खास वजह लांग वेव रेडिएशन तेजी से नहीं हो पा रहा है। इसका मतलब यह है कि सूरज की किरणों से दिन में तपने वाली धरती रात में ठंडी नहीं हो पा रही है। रात का तापमान 31.4 डिग्री दर्ज किया गया। यह इस सीजन की सबसे गर्म रात भी रही। रात के वक्त भी गर्म हवा चल रही थी। लोगों के घरों में कूलरों से भी ठंडक नहीं हो पा रही थी।
छतों पर रखी टंकियों से नलों में रात में भी गर्म पानी निकल रहा था। रविवार शाम 5.30 बजे पारा 41 डिग्री पर था। यह अगले तीन घंटे में रात 8.30 बजे बमुश्किल 3.2 डिग्री ही नीचे आ सका। इसके बाद अगले तीन घंटे में फिर यह 2.2 इससे पहले
दिनभर चलती रहीं गर्म हवाएं
यह तस्वीर बड़े तालाब की है। साेमवार को फिर पारा 43.7 डिग्री पर पहुंच गया। इस दौरान तपिश से राहत के लिए पक्षियों ने कुछ इस तरह अठखेलियां कीं।
पिछले साल दो बार 310 पहुंचा था
शहर में पिछले चार साल से मई में रातें ऐसी ही तप रही हैं। पिछले 16 साल में पांचवीं बार ऐसा हुआ जब रात का तापमान 31 डिग्री पार पहुंचा। इससे पहले 2002 में 17 मई को रात का तापमान सबसे ज्यादा 32.9 डिग्री दर्ज किया गया था। दूसरी बार 2015 में 31.1, तीसरी बार 2016 में 32.1 और चौथी बार 2017 में 14 एवं 27 मई को रात का तापमान 31.1 डिग्री तक पहुंच गया था।
10.41 घंटे में नहीं हो पा रहा रेडिशन
रविवार रात 10 घंटे 41 मिनट अवधि की रही। यह इस सीजन की सबसे कम अवधि की रात थी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिन की अवधि 13घंटे से भी ज्यादा की रही। इस वजह से दिन में सूरज की किरणें ज्यादा देर तक पड़ रही हैं। रात में इन्हें वापस होने का कम समय मिल रहा है। इस वजह से भी तपिश देर तक बनी रहती है।