प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने पीसीसी के नए बने पैनलिस्ट और प्रवक्ताओं के प्रशिक्षण में दो टूक कहा कि कहा कि मुझे आप सभी में आक्रामकता चाहिए। यदि कोई गलती हो जाए तो डरना मत, शुरूआत में सभी से गलती होने की संभावना रहती है। जिस भाषा में सवाल किया जाए, उसका उसी भाषा में जवाब दें।
आगामी विधानसभा चुनाव में कम समय बचा है, इसलिए प्रवक्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रचार का तौर तरीका बिल्कुल बदल गया है। पहले रूस और अमेरिका के नाम पर चुनाव में हार जीत हो जाती थी। अब हर क्षेत्र में अलग-अलग मुद्दों पर हार जीत तय होती है।
चेहरे के बारे में कोई पूछे तो बताओ किसान, महिलाएं और बेरोजगारी
नाथ ने चेहरे को लेकर फिर से एक बार स्पष्ट कर दिया कि यदि कहीं चेहरे को लेकर कोई सवाल हो तो जवाब देना कांग्रेस पार्टी का मध्यप्रदेश में चेहरा किसान, महिलाएं और बेरोजगारी है। प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने कहा कि मध्यप्रदेश को कमलनाथ जैसे अनुभवी और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे करिश्माई नेताओं का कॉम्बिनेशन मिला है। इन दोनों के साथ ही भाजपा की सरकार से लड़ाई लड़ना है। कार्यक्रम को अहमदाबाद से आए विशेषज्ञ प्रवीण मिश्रा और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा और पंकज चतुर्वेदी ने संबोधित किया।
प्रशिक्षण में भाजपा नेता के शामिल होने पर बवाल
प्रशिक्षण में भाजपा नेता अब्बास हफीज खान के शामिल होने पर बवाल मच गया। हफीज की सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों में उसे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत करते हुए और जिला भाजपाध्यक्ष सुरेंद्र नाथ सिंह के साथ मंच साझा करते दिखाया गया है। इसके तुरंत बाद भाजपा जिलाध्यक्ष ने सफाई देते हुए कहा कि मेरी हफीज से जान पहचान है, लेकिन उनका भाजपा से कोई लेना देना नहीं है। मेरे कई कांग्रेस के नेताओं से संबंध है तो क्या वे भाजपाई हो गए।
बावरिया की फटकार : प्रशिक्षण के दौरान एक और प्रवक्ता द्वारा कमलनाथ जिंदाबाद का नारा लगाने पर प्रदेश प्रभारी बावरिया ने सख्त लहजे में कहा कि यहां किसी नाम के नारे नहीं लगेंगे, नारे लगेंगे तो राहुल गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस पार्टी के लगेंगे। इस दौरान करीब दो मिनट तक हाल में सन्नाटा छा गया। इसकी वजह जब यह वाकया हुआ तब कमलनाथ भी वहां मौजूद थे।