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रोज तीन लाख आबादी को पानी टैंकर से, कहीं कोई जांच नहीं

3 वर्ष पहले
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इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्टर | भोपाल

शहर में टैंकरों से सप्लाई हो रहे पानी पर किसी का कोई नियंत्रण नहीं है। इसके लिए न तो कोई गाइड लाइन है और न कोई नियम। यह स्थिति इसलिए चिंताजनक है क्योंकि शहर में 2000 से ज्यादा निजी टैंकर हैं। कोलार, बावड़ियाकला और होशंगाबाद रोड स्थित कई कॉलोनियों की बड़ी आबादी तो पूरी तरह टैंकर से पानी सप्लाई पर ही निर्भर है। शहर में कुल तीन लाख की आबादी को रोजाना टैंकर से पानी सप्लाई होता है। इनमें नगर निगम और प्राइवेट टैंकरों से हाेने वाली सप्लाई शामिल है। गुरुवार को जिला प्रशासन अमले ने बोतलबंद पानी की तीन फैक्टरियों पर छापा मारकर सैंपल जब्त किए हैं। जानकारों का मानना है कि एजेंसियों को ऐसी ही कार्रवाई टैंकरों से होने वाली सप्लाई पर भी करनी चाहिए ताकि लोगों को सप्लाई होने वाले पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।

आश्चर्य यह है कि राजधानी में टैंकरों से हो रही पानी सप्लाई पर सरकार की किसी भी एजेंसी का कोई नियंत्रण नहीं है। कोई भी व्यक्ति किसी भी बोरिंग पर हाईड्रेंट लगाकर टैंकर से पानी की सप्लाई शुरू कर देता है। उसके लिए न तो पानी की क्वालिटी की जांच जरूरी है और न ही मात्रा और रेट पर किसी का कंट्रोल नहीं है। दो हजार से ज्यादा निजी टैंकर 300 से 600 रुपए प्रति टैंकर के हिसाब से पानी सप्लाई करते हैं। बताया जाता है कि रोजाना 25 लाख से अधिक का कारोबार टैंकर व्यवसायी कर रहे हैं।

लेकिन...टैंकरों पर नियंत्रण के लिए गाइडलाइन तक नहीं, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं
कहां से कितना व कैसा पानी सप्लाई, कोई देखने वाला नहीं
बोतलबंद पानी की तीन फैक्टरियों पर छापा, जांच के लिए भेजे सैंपल

डिप्टी कलेक्टर श्वेता पवार ने खाद्य विभाग के अमले के साथ गुरुवार को कैलाश धारा, हैल्थ प्लस और पेंटा फोर के नाम से बोतलबंद व पाउच पैक्ड पानी सप्लाई करने वाली फैक्टरियों पर छापा मारा। तीनों के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार छह महीने से अधिक पुराना बोतलबंद पानी बाजार में खपाने की शिकायत मिलने पर यह कार्रवाई की गई है।

कुछ इलाकों में अगले माह से होगी स्पॉट बिलिंग
नगर निगम पानी के लिए स्पॉट बिलिंग शुरू करने जा रहा है। सोमवार से सर्वे शुरू होगा। शहर में लगाए गए पानी के मीटरों की जांच करके डेटा तैयार किया जाएगा। जिन इलाकों में मीटर लग गए हैं, वहां स्पॉट बिलिंग की जाएगी। सर्वे पूरा होने में महीनेभर का समय लगेगा। यह जानकारी शुक्रवार को आयोजित बैठक में निगम आयुक्त प्रियंका दास ने दी। नए शहर के अधिकांश इलाकों में विशेषकर होशंगाबाद रोड आैर अवधपुरी, पिपलानी और अयोध्या नगर समेत भेल की ज्यादातर कॉलोनियों में पानी के मीटर लगाए जा चुके हैं। इन इलाकों में सर्वप्रथम स्पॉट बिलिंग शुरू की जाएगी।

इधर, बड़े तालाब से सप्लाई में कटौती जरूरी

निगम आयुक्त प्रियंका दास ने पिछले दिनों शहर के जलस्रोतों में उपलब्ध पानी की समीक्षा की। जलकार्य विभाग ने एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई का विकल्प भी पेश किया। लेकिन चर्चा में यह बात सामने आई कि जून अंत तक सप्लाई करने लायक पानी अभी उपलब्ध है। हालांकि ऐसी स्थिति में बड़े तालाब का जलस्तर 1649 फीट तक पहुंच जाएगा, जो कि डेड स्टोरेज से तीन फीट कम है। फिलहाल एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई के निर्णय को टाल दिया गया है।

निजी टैंकर पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं
रोजाना पानी की स्थिति की समीक्षा हो रही है। निजी टैंकर सप्लाई पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है। लेकिन नगर निगम के टैंकर में ट्रीटेड वाटर ही सप्लाई होता है। एआर पवार, प्रोजेक्ट इंजीनियर (जलकार्य), नगर निगम

गणित...शहर में 2000 से ज्यादा निजी टैंकर और 57 नगर निगम के टैंकरों से सप्लाई
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