वक्फ बोर्ड ने जिला प्रशासन को अब तक नहीं सौंपे दस्तावेज
भदभदा पर कब्रिस्तान की जमीन बता कर बड़े तालाब में एक हजार ट्रक मिट्टी डालने के मामले में वक्फ बोर्ड ने शुक्रवार को भी जिला प्रशासन को अपने दस्तावेज नहीं सौंपे। मौके पर मिट्टी हटाने के नाम पर जेसीबी से जमीन को समतल करने का काम चल रहा है। जमीन को समतल करके उसे तालाब से दूर भी बताया जा सकता है। नगर निगम और जिला प्रशासन दोनों ही दस्तावेज के नाम पर यहां सीमांकन को टाल रहे हैं। जबकि नगर निगम ने तालाब की हद तय करने के लिए पिछले साल डिफरेंशियल जीपीएस सर्वे कराया था। इसकी रिपोर्ट निगम प्रशासन के पास मौजूद है। लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इसके अलावा निगम के पास तालाब में लगाई गईं मुनारों की जानकारी भी मौजूद है। एसडीएम संजय श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि वक्फ बोर्ड शुक्रवार को दस्तावेज भेज देगा, लेकिन शाम तक दस्तावेज नहीं मिले। अब अगले दो दिन अवकाश है। ऐसे में सोमवार को ही दस्तावेज मिलने की उम्मीद है।
बड़े तालाब की जमीन पर कब्जे की तैयारी
मिट्टी हटाने की बजाय चल रहा समतलीकरण
यहां करीब पांच एकड़ जमीन पर एफटीएल में मिट्टी डाले जाने का खुलासा होने के बाद भी जिम्मेदार लोग कार्रवाई से बचते नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को यहां केवल एक जेसीबी मशीन मिट्टी हटाने की बजाय उसे समतल करने का काम कर रही थी। यह स्थिति तब है जबकि महापौर आलोक शर्मा ने चार दिन पहले 12 घंटे में काम पूरा करने को निर्देश दिए थे।
आज सुबह पहुंचेंगे महापौर, सोमवार से श्रमदान
महापौर आलोक शर्मा ने कहा कि वे शनिवार को सुबह भदभदा में इस स्थान का निरीक्षण करेंगे। सोमवार से भदभदा सहित पूरे तालाब में श्रमदान शुरू किया जाएगा। यहां पर नगर निगम तीन जेसीबी मशीन उतारेगा। बैरागढ़ और अन्य स्थानों पर भी जहां तालाब में पानी कम हो गया है वहां गहरीकरण करने और गाद हटाने का काम शुरू होगा। इसके साथ ही तालाब के भीतर के अतिक्रमण को भी साफ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे समाज के सभी वर्गों को इस अभियान से जोड़ेंगे। इसमें तालाब का गहरीकरण और सफाई तो होगी ही जो लोग इसे पूरने की कोशिश कर रहे हैं उनके मंसूबे भी नाकामयाब होंगे।