एक्शन प्लान के लिए पैसा नहीं, बाघ मूवमेंट इलाके में पेट्रोलिंग बंद
बाघों की सुरक्षा के लिए बनाया जाने वाला शार्ट टर्म और लॉन्ग टर्म एक्शन प्लान पर बजट की कमी के चलते अमल शुरू नहीं हुआ है। अभी तक न तो जालियां लगने का काम शुरू हुआ है और न ही कलियासोत में ओर ई -सर्विलांस लगाया गया। मंडल के अधिकारियों कहना है कि उनके पास इतना बजट नहीं है कि काम कराया जा सके। दरअसल तेरह शटर पर घूम रही बाघिन ने सोमवार को एक युवक पर हमला करने की कोशिश की। उसने रात को तकरीबन डेढ़ बजे के आसपास पैदल गश्त कर रहे चौकीदारों का पीछा किया, उन्होंने किसी तरह वॉल्मी की पहाड़ी की ओर भाग कर जान बचाई। यह पहला मौका नहीं है जब बाघ की वजह से वन कर्मचारियों और राहगीरों की जान सांसत में फंसी है। इसके पहले भी बाघ ने वन कर्मचारी नारायण सिंह पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। इतनी घटनाएं होने के बाद भी भोपाल वन मंडल बाघ की उपस्थिति को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
बजट के अभाव में भोपाल वन मंडल में नहीं हो पा रहा लॉन्ग टर्म एक्शन प्लान पर अमल, वन्य जीवों के साथ ही ग्रामीणों की जान भी खतरे में
तेरह शटर पर बाघिन ने किया था युवक पर हमले का प्रयास
अधिकारियों के तबादले से बदल जाती है प्राथमिकता
वन्यप्राणी विशेषज्ञ सुदेश बाघमारे का कहना है कि हर अधिकारी की अपनी कार्यशैली होती है। कंजरवेटर और डीएफओ के बदल जाने से नए अफसरों की प्राथमिकताएं भी बदल जाती हैं। बाघों पर सतत निगरानी के लिए अधिकारियों के साथ निचले अमले का स्थाई होना जरूरी है।
तेरह शटर के पास एक बाघिन और दो शावकों का मूवमेंट है। यहां लगाए गए चेतावनी बोर्ड फट गए हैं। कई बोर्ड असामाजिक तत्वों द्वारा हटा दिए गए हैं। तेरह शटर से चंदनपुरा तक कहीं भी नहीं लिखा कि यह बाघ मूवमेंट इलाका है। न ही बोर्ड पर वन विभाग और पुलिस के नंबर लिखे है। ग्रामीणों का कहना है कि पेट्रोलिंग टीम पहले तो मुनादी करती थी कि बाघ मूवमेंट इलाका है। अब तो कब आकर चली जाती है, पता ही नहीं चलता।
विशेषज्ञ बोले- लॉन्ग टर्म एक्शन की क्या करें उम्मीद
वन्य प्राणी विशेषज्ञों का कहना है कि भोपाल वन मंडल, सीहोर वन मंडल में घूम रहे बाघों की सुरक्षा, इंसानी और वन्य प्राणी के आपसी संघर्ष को रोकने के लिए शार्ट टर्म एक्शन प्लान ही पूरा नहीं हुआ। तो लांग टर्म एक्शन प्लान पर अमल के लिए अंदाजा लगाया जा सकता है। बाघमारे का कहना है कि शहर के नजदीक राजस्व वन क्षेत्र में वर्ष 2010 से बाघों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। दोनों वन मंडलों संयुक्त रूप से पुख्ता एक्शन प्लान बनाकर काम करना शुरू कर देना चाहिए था, जो कि अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है।
नहीं लगीं जालियां और ई सर्विलांस टॉवर
भोपाल व सीहोर वन मंडल ने एनजीटी में बाघों और इंसानों की सुरक्षा के लिए एक्शन प्लान दिया था। इसमें बताया था कि शैक्षणिक संस्थाओं के पास 12 फीट ऊंची जालियां लगा दी जाएगी। साथ ही वॉल्मी और मिंडोरा में ई सर्विलांस लगा दिया जाएगा। इसके अलावा ग्रासलैंड तैयार किया जाएगा, लेकिन अभी तक सभी प्रस्ताव अधर में लटके हैं।
पैसा मिलते ही शुरू कर देंगे काम
लॉन्ग टर्म एक्शन और शार्ट टर्म एक्शन प्लान पर काम चल रहा है। बजट की कमी के चलते ई सर्विलांस और जाली लगाने का प्रस्ताव पर हरी झंडी नहीं मिली है। जैसे ही बजट मिलता है, काम शुरू हो जाएगा। एसपी तिवारी, कंजरवेटर भोपाल वन मंडल