इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्टर | भोपाल
उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में हुए पुल हादसे से भी जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया है। राजधानी में निर्माणाधीन रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) समेत अन्य निर्माण कार्यों की पड़ताल में यह खुलासा हुआ। यहां राहगीरों समेत काम करने वाले मजदूरों की जान जोखिम में डालकर काम कराया जा रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों समेत जनप्रतिनिधि भी लगातार यहां दौरे करने पहुंचते हैं। लेकिन, उनका भी कभी इस ओर ध्यान नहीं गया। यह ताे गनीमत है कि अभी तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है। समय रहते सुरक्षा बंदोबस्त नहीं किए गए ताे किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
राहगीरों समेत यहां काम करने वाले मजदूरों की भी जान जोखिम में
बिना हेलमेट लगाए ही काम कर रहे मजदूर
सुभाष नगर आरओबी-सुभाष नगर फाटक पर मैदा मिल की ओर वाले हिस्से पर जाल बिछाने समेत अन्य काम चल रहे हैं। यहां बन रहे आरओबी पर भी मजदूर बिना सुरक्षा इंतजाम काम कर रहे हैं। इसी प्रकार बावड़ियाकलां में बन रहे आरओबी के 17 पिलर बन चुके हैं। यहां भी मजदूर बिना हेलमेट लगाए ही काम कर रहे हैं।
भास्कर लाइव - हर जगह दिखी चूक
समय - दोपहर 12.40 बजे
सिंगारचोली ओवर ब्रिज में सात युवक पिलर के नीचे लगी प्लेट निकाल रहे हैं। दो युवक पिलर के ऊपर सरिए से प्लेट को खिसका रहे हैं। पांच लड़के प्लेट को रस्सी से बांधकर खींच रहे हैं। यहीं से वाहनों का आवागमन भी है। अगर जरा सी भी चूक हुई तो प्लेट सड़क पर जा रहे वाहनों को नुकसान पहुंचा सकती है।
समय - शाम 4.45 बजे
चेतक ब्रिज पर भोपाल रेलवे स्टेशन की ओर रखे गए गर्डर पर दो युवक बैठकर उनके नट-बाेल्ट टाइट कर रहे हैं। इस दौरान ब्रिज के नीचे से ट्रेनें गुजर रही हैं। यही नहीं, इनके ठीक नीचे से रेलवे की बिजली लाइन भी गुजर रही है। इन्होंने सुरक्षा के लिए न तो हेलमेट पहना है और न ही झूला (हुक) ही पहना था।