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45 लाख खर्च, न पाथ-वे बना न ही सीवेज मिलने से रोक पाए

3 वर्ष पहले
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जनता के पैसों की बर्बादी का जीता जागता उदाहरण है मिसरोद का यह तालाब। 100 साल पुरानी इस धरोहर के संरक्षण के लिए 9 सितंबर 2016 को भूमिपूजन किया गया, लेकिन 18 माह बीतने के बाद भी नगर निगम तालाब का संरक्षण करना तो दूर उसमें मिल रहे सीवेज को ही नहीं रोक पाया है। भूमिपूजन के समय महापौर आलोक शर्मा के द्वारा की गईं घोषणाओं के भी पूरा होने का इंतजार हो रहा है। बता दें कि इस तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए नगर निगम ने 45 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की थी। इस दौरान महापौर के साथ पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर और नगर निगम परिषद अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह चौहान भी मौजूद थे। भूमिपूजन के बाद महापौर ने तालाब को शहर की आत्मा बताते हुए इसे संवारने का वादा किया था। तालाब को खाली कर पाथ-वे बनाने की योजना थी, लेकिन अब तक सिर्फ एक ही तरफ पाथ-वे बन पाया है।

ये कार्य होने थे

तीज-त्योहारों को देखते हुए विसर्जन के लिए व्यवस्थित घाटों का निर्माण।

तालाब के चारों ओर रेलिंग और व्यू प्वाइंट का निर्माण।

सैर के लिए तालाब के चारों ओर पाथ-वे का निर्माण।

लोगों के लिए बेंच और लाइट्स के साथ ही म्यूजिकल फाउंटेन भी।

दोबारा पैसा खर्च करने की तैयारी

45 लाख रुपए खर्च करने के बाद भी निर्माण कार्यों के पूरा न होने के कारण बचे हुए कार्यों को पूरा कराने के लिए फिर से पैसा खर्च करने की तैयारी की जा रही है। कुछ समय पहले तालाब के रुक हुए कामों को लेकर पार्षद रामबाबू पाटीदार ने अपना विरोध महापौर और नगर निगम आयुक्त के सामने दर्ज कराया था, जिसके बाद महापौर ने उन्हें मुख्यालय निधि से रुके हुए विकास कार्य कराने का आश्वासन दिया। दरअसल इस तालाब के साथ क्षेत्र के लोगों की धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। सभी तीज त्योहारों के मौके पर इसी तालाब में पूजा अर्चना की जाती है, लेकिन लंबे समय से रुके हुए कामों के कारण मिसरोद के लोगों ने पार्षद के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त की थी।

पैसे खर्च करने में हुई है लापरवाही

तालाब पर करीब 45 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। मुख्यालय निधि में पार्षद कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। पैसे खर्च करने में लापरवाही हुई है। तालाब के विकास के संबंध में महापौर और नगर निगम आयुक्त से बातचीत हुई है। महापौर ने रुका हुआ काम पूरा कराने का आश्वासन दिया है। रामबाबू पाटीदार, पार्षद वार्ड-52

18 माह बाद भी तालाब को संरक्षित नहीं कर सके

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