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जैसा एसडीओपी ने कहा, वैसे मेरे बयान दर्ज हुए : दीपक

3 वर्ष पहले
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भोपाल | पीडब्ल्यूडी मंत्री रामपाल सिंह की पुत्रवधु प्रीति रघुवंशी द्वारा की गई खुदकुशी के मामले में पुलिस की जांच संदेह के घेरे में है। छह दिन से लापता प्रीति के छोटे भाई दीपक ने आरोप लगाते हुए कहा कि एसडीओपी राजाराम साहू के सामने दबाव बनाकर मेरे बयान दर्ज किए गए हैं। एसडीओपी के कहने पर ही एक शपथ-पत्र में मेरे हस्ताक्षर कराए गए। मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण मुझे यह नहीं मालूम कि क्या बयान दर्ज किए हैं। जबकि पुलिस ने दीपक के जो बयान दर्ज किए हैं उसमें बताया गया है कि प्रीति की शादी का जब घर में पता चला तो उसका सभी से झगड़ा होता था। पुलिस इसी को आत्महत्या से जोड़कर जांच पूरी करने का मन बना चुकी है।

दीपक सात अप्रैल की रात से लापता था। दो दिन पहले घर लौटे दीपक ने खुलासा किया कि मोनू राय और उसके साथी उसे भोपाल लेकर गए थे। रास्ते में उसे शराब पिलाई और खाने में भी कुछ नशीला पदार्थ दिया। जिस कारण वह पूरे समय नशे की हालत में था। मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। कुछ लोगों ने दबाव बनाकर नशे की हालत में एसडीओपी के सामने बयान दर्ज कराए। क्या बयान दर्ज कराए, कुछ पता नहीं है। बयान के बाद एसडीओपी ने उन लोगों से बोला था कि रायसेन में एक शपथ पत्र पर दीपक के हस्ताक्षर करा लेना। इसके बाद दोबारा मुझे कहीं लेकर चले गए। दो दिन पहले भोपाल से बस में बैठाया और उदयपुरा थाने पहुंचने को कहा था। थाने से घर फोन किया तो परिजन लेने पहुंचे थे। दीपक का कहना है कि आज भी उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।

वहीं पुलिस का कहना है कि दीपक नशे का आदी है। उसने अपने बयान में कहा है कि जब से प्रीति और गिरिजेश की शादी का पता चला था तब से घर में उसका सभी से विवाद होता था। वह परेशान भी रहती थी। दीपक के इस बयान के बाद से पुलिस की जांच का रुख बदल गया है। वहीं, प्रीति के पिता चंदन सिंह से पुलिस ने गिरिजेश की दूसरी सगाई के सबूत मांगे हैं। इस संबंध में गिरिजेश अौर उनके पिता ने पुलिस को कहा है कहीं रिश्ते की बात ही नहीं चली तो हम क्या जानकारी दें।

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