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शिव को प्रसन्न करने ओंकारेश्वर पर्वत ने की थी तपस्या : आचार्य

3 वर्ष पहले
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जनश्री लोक कल्याण समिति द्वारा रवींद्र भवन के मुक्ताकाश मंच पर आयोजित शिव महापुराण कथा में रविवार को आचार्य मुकेश महाराज ने शिव के त्रिपुरारी होने और हनुमंत अवतार व ओमकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि राक्षसों का वध कर संसार मे त्रिपुरारी के रूप में विख्यात होने वाले अकेले शिव हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु श्री हनुमान सारे अमंगल को नष्ट करने वाले देव है। आचार्य ने ओमकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की महिमा का बताते हुए कहा कि ओमकारेश्वर पर्वत का स्वरूप “ॐ” की तरह है। इस पर्वत ने नारद जी से अनुमति प्राप्त कर घोर तपस्या की। इससे शिवजी प्रसन्न हुए और वरदान दिया कि मैं इस ओंकार स्वरूप पर्वत पर विराजमान हो जाता हूं। तभी से इस स्थान का नाम ओमकारेश्वर पड़ा। कथा से पूर्व आज आयोजन समिति के संरक्षक राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, राधा गुप्ता, रामदयाल प्रजापति, प्रभात सोनी व सीमा सोनी आदि ने व्यासपीठ की पूजा की।

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