हेल्थ रिपोर्टर | भोपाल
इंडियन रेडक्राॅस सोसायटी की मप्र राज्य शाखा के अध्यक्ष के लिए गुरुवार को हुए चुनाव में खरगौन के आशुतोष पुरोहित ने भाजपा नेता एवं राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष उपमा राय को 8 मतों से हरा दिया। 45 में से 44 सदस्यों ने मतदान किया। इसमें से 26 वोट खरगौन के पत्रकार पुरोहित को एवं 18 मत उपमा राय को मिले। सोसायटी की राज्य शाखा के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और कोषाध्यक्ष के चुनाव राजभवन में गुरुवार सुबह 11 बजे शुरू हुए। चुनाव अधिकारी एम मोहन राव ने आशुतोष को अध्यक्ष, रतलाम के मोहित शुक्ला को उपाध्यक्ष व बुरहानपुर के मनोज अग्रवाल को कोषाध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया।
भदौरिया ने बिगाड़ा गणित
सूत्रों के मुताबिक भिंड से सोसायटी सदस्य अरविंद भदौरिया पिछले दो साल से चेयरमैन पद के चुनाव की तैयारी कर रहे थे। राज्य के 45 जिलों में सदस्यों के चुनाव के बाद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने भदौरिया को चुनाव नहीं लड़ने के निर्देश दिए। इसके बाद भदौरिया ने नामांकन दाखिल नहीं किया। इससे भदौरिया समर्थक खफा हो गए। पार्टी का अंतर्कलह उपमा की हार के रूप में सामने आया।
जीत का जश्न....इंडियन रेडक्राॅस सोसायटी की मप्र राज्य शाखा के नवनिर्वाचित चेयरमैन आशुतोष पुरोहित, पूर्व चेयरमैन मुकेश नायक व अन्य के साथ। फोटो | भास्कर
किस उम्मीदवार को कितने वाेट मिले
चेयरमैन
उम्मीदवार वोट मिले
आशुतोष पुरोहित 26
उपमा राय 18
उपाध्यक्ष
मोहित शुक्ला 23
डॉ. जीएस परिहार 19
संजय पोरवाल 2
कोषाध्यक्ष
उम्मीदवार वोट मिले
मनोज अग्रवाल 26
ललित ज्वेल 18
उम्मीदवारी खारिज हुई तो आशुतोष का किया समर्थन
सदस्यों का चुनाव पन्ना में नहीं होने से कांग्रेस नेता मुकेश नायक चुनाव प्रक्रिया से बाहर हो गए। नायक ने पांच जिलों में जिला रेडक्राॅस सोसायटी के सदस्यों के चुनाव नहीं होने का विरोध नहीं किया। बल्कि खरगौन जिला रेडक्राॅस सोसायटी के सदस्य चुने गए पत्रकार आशुतोष का समर्थन किया। साथ ही राज्य प्रबंधन कार्यकारिणी के लिए चुने गए सदस्यों में शामिल अपने समर्थकों को चेयरमैन चुनाव में पुरोहित के पक्ष में मतदान करने के लिए राजी किया। इसका फायदा पुरोहित को जीत के रूप में मिला।
हारने के बाद उपमा राय का आरोप भदौरिया समर्थकों ने नहीं दिए वोट
राय का आरोप है कि चेयरमैन का चुनाव मैं भदौरिया के कारण हारी हूं। उन्होंने चुनाव से पहले 32 जिलों का दौरा किया था। उनका दावा था कि यहां के सभी सदस्य उनके समर्थन में हैं। लेकिन, चुनाव में मुझे 18 वोट मिले। इससे इस बात की पुष्टि होती है कि भदौरिया समर्थकों ने मुझे वोट नहीं दिया। उन्होंने नायक से गठबंधन करके उनके प्रत्याशी आशुतोष का समर्थन किया। वहीं भदौरिया का मोबाइल फोन स्विच ऑफ होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका।