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पार्वती नदी में औद्योगिक क्षेत्र की गंदगी छोड़ने का निर्णय कैसे कर सकती है सरकार: जस्टिस जैन

3 वर्ष पहले
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भोपाल|मप्र सरकार के औद्योगिक क्षेत्र की गंदगी को पार्वती नदी में छोड़ने के निर्णय को मानवाधिकार आयोग ने नागरिकों के स्वच्छ पानी प्राप्त करने के अधिकार से जुड़ा मानकर स्वत: संज्ञान लिया। सरकार पीलूखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र की गंदगी पार्वती नदी में छोड़े जाने की तैयारी कर रही है। आयोग ने मामले में मुख्य सचिव और आवास एवं पर्यावरण के प्रमुख सचिव से चार सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।

शासन द्वारा राजधानी से करीब 43किमी दूर ग्राम पीलूखेड़ी स्थित औद्योगिक क्षेत्र की गंदगी पार्वती नदी में छोड़े जाने की तैयारी जा रही है। हाई-वे के समानान्तर करीब नौ फीट की नाली खोदकर औद्योगिक क्षेत्र की गंदगी नदी में पहुंचाने की इस कवायद पर मानवाधिकार आयोग आपत्ति उठाई है। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस नरेन्द्र कुमार जैन कहना है कि यह मामला नागरिकों के स्वच्छ पानी प्राप्त करने के अधिकार से जुड़ा है और इसका उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिए। आयोग ने मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 16 के तहत रिपोर्ट तलब की है। इधर, आयोग ने मंद बुद्धि युवती से दुष्कर्म के मामले में भी संज्ञान लिया है। आयोग ने कलेक्टर से जानकारी मांगी है कि शहर में बेघरबार हुई मंदबुद्धि युवतियों को रखने की क्या व्यवस्था है।

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