बाल विवाह रोकने कार्ड में वर वधु की जन्मतिथि छापना होगी
राजधानी में बाल विवाह रोकने के लिए कलेक्टर सुदाम पी खाडे ने एक अनूठा नियम लागू किया है। इसके तहत वर व वधु दोनों के बालिग होने का प्रमाण सार्वजनिक रूप से देना होगा। जिस किसी की भी शादी तय होगी उनके निमंत्रण पत्र पर वर व वधु दोनों के नाम के साथ जन्म की तारीख भी प्रकाशित करानी पड़ेगी। ऐसा नहीं करने पर वर वधु के परिजन समेत विवाह कराने वाले पंडित, बारात घर के संचालक व शादी कार्ड छापने वाले संचालक पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
अब तक वर व वधु के नाम के साथ उनके माता पिता और परिजनों का नाम ही निमंत्रण पत्र पर प्रिंट हुआ करता है। अब निमंत्रण पत्र में वर वधु के की जन्मतिथि भी प्रकाशित करनी होगी। यह वर व कन्या के बालिग होने का प्रमाण बताएगा। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग को बाल विवाह रोकने ग्राउंड स्तर पर कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और पंचायतों को जानकारी देने के लिए कहा गया है। इसके पीछे कलेक्टर का तर्क है कि बाल विवाह के बहुत सारे मामले हर साल सामने आते हैं। जबकि नियमानुसार यह गलत है। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि सामूहिक विवाह सम्मेलन और अन्य शादियों के लिए छपने वाले शादी के कार्ड पर वर-वधु की जन्म तिथि का उल्लेख किया जाए। ताकि लोगों को यह पता चल सके कि दोनों बालिग हंै।
मैरिज हॉल संचालकों को भी देना होगा ध्यान
बाल विवाह रोकने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को इस पर नजर रखने के लिए कहा गया है। साथ ही समाज के लोगों से भी अपील की गई है कि वो भी इसका ध्यान रखे। आम लोगों से भी यही अपील की जा रही है कि प्रशासन के काम में सहयोग प्रदान करें। मैरिज हॉल वालों को भी यह बात देखना होगी कि उनके यहां पर बाल विवाह तो नहीं हो रहा है। सुदाम पी खाडे, कलेक्टर भोपाल