पिता ने तीन बच्चों को बचा लिया, दो माह की आकांक्षा को छीन ले गई मौत
रातीबड़ थाना क्षेत्र के ग्राम नाथू बरखेड़ा स्थित एक मकान की दीवार गिरने से दो महीने की मासूम की मौत हो गई। हादसा मंगलवार रात चली तेज हवा के कारण हुआ। उसे गंभीर अस्पताल में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया।
ग्राम नाथू बरखेड़ा निवासी 30 वर्षीय अनिल गौंड मजदूरी करते हैं। वे यहां प|ी और तीन बेटी व एक बेटे के साथ रहते हैं। एसआई घनश्याम दांगी के मुताबिक अनिल की सबसे छोटी बेटी आकांक्षा दो महीने की है। मंगलवार रात अनिल खाने के बाद सोने की तैयारी कर रहे थे। तभी तेज हवा चलने लगी। हवा का रुख मकान की ओर था। तेज हवा के थपेड़े एक ईंट की करीब दस फीट ऊंची दीवार सह नहीं सकी और भरभरा कर अंदर की ओर गिर गई। एक ईंट मासूम आकांक्षा के सिर पर जा लगी। गंभीर रूप से घायल मासूम को अनिल और परिवार अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पिता आकांक्षा को दीवार से दूर कर ही रहे थे तभी हो गया हादसा
घर में इधर-उधर बिखरे पड़े दीवार के टुकड़े।
पंचायत सचिव के घर कई बार चक्कर लगाए, लेकिन नहीं बनी पक्की दीवार: अनिल का आरोप है कि पंचायत सचिव के घर के कई बार चक्कर लगाने के बाद भी हमारे मकान की दीवार को पक्का नहीं करवाया गया। उन्होंने कहा था कि तुम्हारे मकान की दीवार कुटीर योजना के तहत पक्की करवा देंगे।
आकांक्षा की मां बूंदी बाई ने बताया कि तीनों बेटियां और बेटा दीवार के पास ही सो रहे थे। हवा तेज चलने लगी तो अनिल ने दो बेटियों और बेटे को खींचकर दीवार से दूर कर दिया। वे आकांक्षा के पास जा ही रहे थे, तभी दीवार भरभरा कर गिर गई। उस वक्त बूंदी बाहर तार पर टंगे कपड़े उतारने गई थी।