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मप्र सहित 10 राज्यों में एटीएम सूखे; 13 दिन में 5 गुना ज्यादा नोट निकले, इतनी ही तेजी से छपाई शुरू

3 वर्ष पहले
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वित्तमंत्री अरुण जेटली बोले- दो से तीन दिन में दूर हो जाएगी समस्या

तीन महीने में करंसी की मांग तेजी से बढ़ी हुई है

500 करोड़ रु. के नोटों के बदले अब रोज 2500 करोड़ के नोट छापेंगे

भास्कर न्यूज | नई दिल्ली/भोपाल

नोटबंदी के करीब सवा साल बाद एक बार फिर एटीएम पर ‘नो कैश’ के बोर्ड टंग गए हैं। देश के 10 राज्यों में एटीएम से नकदी नहीं मिल रही। इनमें मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, दिल्ली, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं। बाकी राज्यों में भी दिक्कत सामने आने लगी है। इस पर वित्त मंत्रालय ने कहा कि तीन महीने से नकदी की मांग दोगुनी रही है। जबकि अप्रैल के शुरुआती 13 दिनों में तो सामान्य से पांच गुना ज्यादा करंसी निकाली गई। सरकार 500 रु. के नोटों की छपाई पांच गुना बढ़ाने जा रही है। दो से तीन दिन में हालात सुधरने के आसार हैं। इधर, मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री जयंत मलैया ने प्रदेश की जनता से कैश लेन-देन कम करने की अपील की है। -पेज 2 भी पढ़ें

एटीएम में कैश कम

 राहुल का ट्वीट

समझो अब नोटबंदी का फरेब आपका पैसा नीरव मोदी की जेब

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देश के ATM सब फिर से खाली बैंकों की क्या हालत कर डाली...

वित्तमंत्री समेत दो मंत्री, एक अफसर, मंत्रालय व आरबीआई ने कहा- जल्द सुधरेंगे हालात...

मंगलवार को सरकार ने पांच स्तरों पर सफाई दी। वित्त मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि सरकार के पास पैसे की दिक्कत नहीं है। वित्त राज्य मंत्री और आर्थिक मामलों के सचिव ने मीडिया से बात की। वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक की ओर से बयान जारी किए गए। कहा गया कि राज्यों और आरबीआई में कमेटी बनाकर राज्यों के बीच करंसी का असंतुलन खत्म किया जाएगा। इसमें दो से तीन दिन लग सकते हैं।

एटीएम से अप्रैल में अब तक निकलने चाहिए थे 8.45 हजार करोड़ रु., निकाले गए 45 हजार करोड़; 2 हजार के नोट नदारद

मलैया ने कहा- आरबीआई से मिल रहे नोट पर्याप्त नहीं, कैश लेन-देन कम करें

वह सबकुछ जो आप जानने चाहते हैं

क्या हुआ जनवरी से ही नकदी की मांग ज्यादातर राज्यों में दोगुनी हो गई थी

देश में हर माह 19 से 20 हजार करोड़ रु. नकदी की मांग रहती है। पर जनवरी से मांग दोगुनी हो गई। जनवरी से मार्च में हर माह 40 से 45 हजार करोड़ रु. सप्लाई किए गए। इससे स्टॉक कम हुआ। सामान्यत: 3 लाख करोड़ के बदले अभी 1.75 लाख करोड़ का स्टॉक है। अप्रैल में शुरू के 13 दिन में 45 हजार करोड़ रु. की डिमांड रही। यानी रोज 3,461 करोड़ रु. निकले।

...और आगे क्या सभी 4 नोट प्रेस में छपाई तेज

आरबीआई का कहना है कि उसके पास पर्याप्त नकदी है। लॉजिस्टिक कारणों से कुछ राज्यों में एटीएम में नकदी भरने और कैलिब्रेशन की प्रक्रिया जारी रहने से दिक्कतें हैं। फिर भी सभी चार नोट प्रेसों में छपाई तेज कर दी गई है।

...और ये अंदेशा : संदेह है कि दो हजार के नोटों की जमाखोरी हो रही है। इससे निपटने के लिए 500 के नोटों की छपाई 5 गुना बढ़ाई जाएगी।

क्यों हुआ 2000 के नोट की छपाई बंद होना और शादी का सीजन बड़ी वजह

18 लाख करोड़ की नकदी चलन में है। इनमें 6.7 लाख करोड़ रु. दो हजार के नोटों में हैं। लोगों से ये नोट वापस नहीं आ रहे। इनकी छपाई भी बंद है। 2000 के नोट एटीएम में डालने पर 60 लाख रु. तक आते हैं। पर छोटी करंसी 15 से 20 लाख रुपए तक के ही आते हैं। सिर्फ 30% एटीएम 200 के नोटों के लिए कैलिब्रेटेड हैं। और इस बीच शादी का सीजन जारी है।

इधर, मप्र में 9602 एटीएम, आधे खाली

7 दिन में बैंकों से निकले 23100 करोड़, जमा हुए 17,500 करोड़ रुपए

सरकार को किसान और अन्य को बांटने हंै 30 हजार करोड़ रुपए, बंटे सिर्फ 4 हजार करोड़

गुरुदत्त तिवारी | भोपाल. मप्र में 9602 एटीएम हैं, इनमें से आधे खाली हैं। बैंकों में जमा और निकासी का अंतर रोजाना 700 करोड़ रु. तक पहुंच चुका है। प्रदेश में किल्लत की सबसे बड़ी वजह मंडियों में सरकारी खरीद को बताया जा रहा है। बैंकों को अप्रैल-मई में मप्र सरकार का 30,000 करोड़ रु. बांटना है। लेकिन बैंक केवल 4000 करोड़ रु. ही बांट सके हैं। यानी अभी 26,000 करोड़ रु. बांटना शेष है। प्रदेश में पिछले 7 दिन में (एसबीआई) की शाखाओं में जमा और निकासी का अंतर 1400 करोड़ से ज्यादा रहा। बैंक से 3600 करोड़ रु. निकले, लेकिन जमा केवल 2200 करोड़ रुपए ही हुए। इस दौरान प्रदेश में सभी बैंकों में (एटीएम सहित) कुल 23,100 करोड़ रु. निकल गए, लेकिन जमा 17,500 करोड़ रु. ही हुए। शेष | पेज 15 पर

किसानों के खाते में पहुंचे 1650 करोड़, लेकिन निकाल नहीं पाए



राज्य सरकार की ओर से सोमवार को प्रदेश के 10 लाख किसानों के खाते में एक क्लिक कर 1650 करोड़ रुपए तो डाल दिए गए, लेकिन यह राशि किसान नहीं निकाल पा रहे हैं। बुधवार को अक्षय तृतीया है। अधिकांश जगह विवाह समारोह है। लेकिन कैश की कमी से लोगों को दिक्कत हो रही है।



कैश मैनेजमेंट कमेटी का गठन

हमने कैश मैनेजमेंट कमेटी का गठन किया है। मंडियों में हो रही खरीद का भुगतान इस कैश संकट की सबसे बड़ी वजह है। -अजय व्यास, समन्यक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति

किसानों को भुगतान करना है

अब तक किसानों को भुगतान के लिए बैंकों से बराबर पैसा मिल रहा है। हम चाहते हैं कि किसानों को पूरे माह भुगतान आसानी से हो। इसलिए हम बैंकों पर दबाव बना रहे हैं। -विकास नरवाल, एमडी, आपूर्ति निगम

देवास से लाइव : नोटबंदी के बाद दूसरी बार लिया गया तीसरी शिफ्ट शुरू करने का फैसला

देवास| 18 अप्रैल से देवास बैंक नोट प्रेस में 24 घंटे मशीनें चलाई जाएंगी। इसके लिए 9 घंटे की तीसरी शिफ्ट शुरू कर दी गई है। नोटबंदी के बाद दूसरा मौका है जब 24 घंटे मशीनें चलेंगी। जनवरी में चोरी कांड के बाद उत्पादन 50 लाख नोट प्रतिदिन रह गया है। नोटबंदी के बाद यह 150 लाख तक गया था। तीसरी शिफ्ट शुरू होने से 10 लाख तक पहुंच सकता है।

सीधी में रात 9:30 बजे भीषण हादसा

बारातियों से भरा मिनी ट्रक 100 फीट नीचे नदी में गिरा 25 की मौत, 25 घायल

भास्कर न्यूज . सीधी | सीधी जिले की सोन नदी के जोगदहा पुल से बारातियों से भरा मिनी ट्रक बेकाबू होकर 100 फीट नीचे जा गिरा। अमिलिया थाना प्रभारी दीपक बघेल के अनुसार हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हैं। इनमें से कई गंभीर हैं। देर रात मिली जानकारी के अनुसार मिनी ट्रक के नीचे कुछ लोग दबे हैं, जिन्हें निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है।

मंगलवार रात करीब 9:30 बजे देवसर के हर्राबिजी गांव के मुजबब्बील खान की बारात सिहावल के पमरिया गांव जा रही थी तभी जोगदहा पुल के पास वाहन नदी में गिर गया। घायलों को सीधी जिला अस्पताल ले जाया गया है। रात होने के बावजूद बचाव दल युद्धस्तर पर जुटा है।

भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा आज, नंदकुमार ने पद छोड़ा

भोपाल | भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा बुधवार को होगी। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने केंद्र से भेजे गए नाम पर देर रात तक पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। इनमें मंत्री नरोत्तम मिश्रा, राकेश सिंह, भूपेंद्र सिंह और राजेंद्र शुक्ला शामिल हैं। देर रात जबलपुर से सांसद राकेश सिंह के नाम पर भी बात हुई, लेकिन माना जा रहा है कि शिवराज कैबिनेट के ही एक सदस्य को अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इधर, नंदकुमार सिंह चौहान ने पार्टी नेतृत्व को इस्तीफे की पेशकश कर दी। -पढ़ें 9

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