पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पर फैसला आज, नरोत्तम मिश्रा, राकेश सिंह व भूपेंद्र सिंह के नाम आगे

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पर फैसला आज, नरोत्तम मिश्रा, राकेश सिंह व भूपेंद्र सिंह के नाम आगे

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भाजपा में नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा बुधवार दोपहर 1 बजे हो सकती है। केंद्रीय नेतृत्व दिल्ली से इसका ऐलान करेगा। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष व सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने केंद्रीय नेतृत्व को इस्तीफे की पेशकश करने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत संगठन को पद छोड़ने की जानकारी दे दी। उन्होंने कहा है कि अब वे अपने संसदीय क्षेत्र में काम करना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री ने खरगौन जिले के भीकनगांव के श्रमिक सम्मेलन में नंदकुमार सिंह की इस पेशकश का खुलासा किया। शाम को भोपाल पहुंचे नंदकुमार सिंह ने पार्टी दफ्तर में इसकी पुष्टि भी कर दी। उन्होंने कहा कि अपनी इच्छा से मैंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया है। नंदकुमार के पद छोड़ने के बाद शिवराज मंत्रिमंडल के सदस्य नरोत्तम मिश्रा और जबलपुर सांसद राकेश सिंह में से किसी एक के प्रदेश अध्यक्ष बनने की अटकलें तेज हो गईं। देर रात तक इस पर चर्चा जारी थी। इस दौरान भूपेंद्र सिंह और राजेंद्र शुक्ल के नाम पर भी काफी देर तक चर्चा हुई। केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा के बाद राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल भोपाल आए हैं। मुख्यमंत्री व प्रदेश संगठन से आखिरी दौर की बातचीत के बाद नाम का ऐलान होगा। यह भी बताया जा रहा है कि सीएम नए नाम को लेकर इससे पहले केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा कर चुके हैं, लेकिन दावेदारों के जोर लगाने के बाद स्थिति कुछ बदल गई। इसलिए मंगलवार देर रात तक कशमकश जारी थी। सूत्रों का कहना है कि नरोत्तम मिश्रा व राकेश सिंह के नाम के साथ कुछ और नाम भी चर्चा में हैं, जिन पर विचार चल रहा है। प्रदेश पदाधिकारियों और फिर कोर ग्रुप के सदस्यों के साथ बैठक रात 10.30 बजे खत्म हुई। इसके बाद रामलाल ने कोर ग्रुप के कुछ अन्य सदस्यों के साथ अलग से बैठक की।

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर : बार-बार मेरा नाम आया। स्पष्ट करना चाहता हूं कि आलाकमान को पहले ही बता चुका हूं कि प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनना चाहता।

केंद्रीय मंत्री तोमर ने टिप्पणी करने से किया इनकार

इस्तीफा देने के बाद पार्टी दफ्तर में प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में नंदकुमार नहीं गए, लेकिन इसके बाद कोर ग्रुप की बैठक में वे पहुंच गए। मुख्यमंत्री निवास में रात दस बजे से सीएम ने मंत्रियों की जो बैठक प्रस्तावित थी, उसे रात नौ बजे निरस्त कर दिया गया। इधर, कोर ग्रुप की बैठक में शामिल होने भोपाल आए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर पूछे गए मीडिया के सवाल पर कहा कि वे इसकी दौड़ में नहीं। भाजपा ने बड़ी जिम्मेदारी दे रखी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की टीम में मुझे काम करना है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर टिप्पणी करने से मना कर दिया।

चार बार पहले भी फोन पर हटने की बात कह चुके थे नंदकुमार : सीएम

भीकनगांव के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ नंदकुमार सिंह भी मौजूद थे। जब मुख्यमंत्री ने कहा कि वे क्षेत्र में काम करना चाहते हैं तो वे थोड़े असहज दिखाई दिए। यही स्थिति पार्टी दफ्तर में भी रहे। हालांकि उनका कार्यकाल अभी शेष है। नया अध्यक्ष मनोनीत किया जाएगा। इससे पहले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि नंदकुमार सिंह ने पहले भी चार बार फोन पर यह इच्छा जताई थी कि वे पद से हटना चाहते हैं। रात को भी यह बात दोहराई। वे संसदीय क्षेत्र में काम करना चाहते हैं क्योंकि प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर वे काफी व्यस्त रहते हैं और अपने संसदीय क्षेत्र में ज्यादा समय नहीं दे पा रहे है। इसलिए वे हटना चाहते हैं।

नंदकुमार सिंह चौहान : इस्तीफे की पेशकश के बाद अब कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है।

आज खुल जाएगा लिफाफा

देर तक चली बैठक से निकलने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विजयवर्गीय ने कहा कि नाम लगभग तय हो गए हैं। रामलाल भी भोपाल आ गए हैं। बुधवार को बंद लिफाफा खुल जाएगा।

जनवरी 2019 तक था कार्यकाल

नंदकुमार सिंह चौहान पहली बार 16 अगस्त 2014 को प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत हुए। वे 4 जनवरी 2016 तक रहे। चुनाव के बाद वे 4 जनवरी 2016 को निर्वाचित हुए। उनका कार्यकाल 4 जनवरी 2019 को पूरा होते, लेकिन एक साल पहले ही उन्हें पद से हटना पड़ा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह : नंदकुमार के बाद अब नए अध्यक्ष का बेसब्री से इंतजार।

विवादों से घिरा रहा नंदकुमार सिंह चौहान का कार्यकाल

नंदकुमार सिहं चौहान का कार्यकाल विवादों से घिरा रहा। चौहान ने बुरहानपुर पावरलूम बुनकर सहकारी संघ में हस्तक्षेप का मामला सामने आया, जिसमें उन्होंने विश्वस्त को अध्यक्ष बनवाया और कपड़ों की सप्लाई का काम बेटे को दिलवा दिया।

हेल्थ कार्पोरेशन में सप्लाई के एक मामले से हुई जिसमें कुछ आइटम ऐसे थे, जिनकी सप्लाई बुनकरों द्वारा तैयार सामान से की जा सकती थी। यह सभी आइटम राष्ट्रपति द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार नोटिफाई किए गए थे। यह जानकारी मीटिंग में ग्रामोद्योग विभाग के अफसरों को संयुक्त संचालक एसएस सिकरवार ने दी। इससे सीधे-सीधे पावरलूम बुनकर महासंघ की सप्लाई प्रभावित हो रही थी। इसकी भनक जब भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को लगी तो उन्होंने सीधे विभाग की प्रमुख सचिव वीरा राणा को लिखा जिसमें सिकरवार को हटाए जाने की बात कही, जबकि यह पत्र उन्हें विभाग के मंत्री जालम सिंह पटेल को लिखना था। हालांकि बाद में निलंबन के आदेश पटेल के अनुमोदन से हुए।

सिकरवार को हटाया

नियमों में संशोधन किए जाने पर विभाग में संयुक्त संचालक एसएस सिकरवार ने आपत्ति जताई, उनका कहना था कि चूंकि सप्लाई किए जाने के कुछ आइटम राष्ट्रपति के नोटिफिकेशन से लागू हुए हैं। इसलिए इसमें राज्य सरकार अपने स्तर पर कोई संशोधन नहीं कर सकती, जिसका समर्थन विभाग की कमिश्नर सोनाली वायंगणकर ने भी किया। इस पर प्रमुख सचिव और कमिश्नर के बीच मतभेद सामने आए। बाद में प्रमुख सचिव ने दबाव में आकर सिकरवार को निलंबित कर दिया, जब ग्रामोद्योग विभाग का मंत्री जालम सिंह पटेल को बनाया गया, तब उन्होंने पहली फाइल पर साइन सिकरवार के निलंबन किए जाने के ही किए।

कैलाश विजयवर्गीय : भैया मैं तो दौड़ में ही नहीं हूं। अमित शाह जी के साथ ही ठीक हूं।

खबरें और भी हैं...