शराब बेचने वालों ने नहीं लिया फूड एंड ड्रग से लाइसेंस
भोपाल| शराब दुकानें बिना लाइसेंस के चलाई जा रही हैं। इस संबंध में शासन ने सात साल पहले खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग से इसके लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य किया था, लेकिन शहर के किसी भी शराब दुकानदार ने लाइसेंस नहीं लिया है। जिसकी वजह से सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। प्रदेश में करीब 7000 हजार देशी-अंग्रेजी शराब दुकानें हैं। इन सभी दुकानों को खाद्य औषधि प्रशासन से लाइसेंस लेना अनिवार्य है। आयुक्त खाद्य पल्लवी जैन गोविल ने आबकारी आयुक्त को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए विभागीय आदेश जारी करने की बात कही।