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नवबहार मंडी : 6.48 एकड़ जमीन नगर निगम की, किराया वसूल रहा वक्फ बोर्ड

3 वर्ष पहले
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नगर निगम ने वर्ष 1966 में नवबहार सब्जी मंडी की 6.48 एकड़ जमीन 50,149.15 रुपए में अधिग्रहित की थी। सरकारी रिकॉर्ड में भी यह जमीन नगर निगम के नाम पर दर्ज है। इसके बाद भी वक्फ बोर्ड ने इसे खुद की जमीन बताकर किराए पर दे दिया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब इन किराएदारों ने यहां लग रही दुकानदारों से तहबाजारी वसूलना शुरू कर दी। फिलहाल नगर निगम की शिकायत पर जिला प्रशासन मामले की जांच कर रहा है, लेकिन वहां भी संबंधित फाइल नहीं मिल रही है।

पिछले दिनों नवबहार सब्जी मंडी में दुकानों से तहबाजारी वसूलने को लेकर निगम अमले का स्थानीय लोगों से विवाद हुआ, बात मारपीट तक पहुंच गई। नगर निगम ने रिकाॅर्ड तलाशा ताे इसमें1966 में तत्कालीन भू-अर्जन अधिकारी आरपी बाजपेयी ने 11 फरवरी 1966 को जारी आदेश में 50,149.15 रु. का मुआवजा तय करके 6.48 एकड़ जमीन निगम के नाम दर्ज कर दी थी।

नगर निगम ने की शिकायत, कलेक्टोरेट में चल रही जांच

अप्रैल में वक्फ बोर्ड ने किराए पर दे दी...अप्रैल में वक्फ बोर्ड की स्थानीय कमेटी ने यह जमीन किराए पर दे दी। अलग-अलग व्यवसायियों से किराएदारी का अनुबंध कर लिया गया। नगर निगम ने कलेक्टर को की गई शिकायत में आरोप लगाया है कि वक्फ बोर्ड के सीईओ ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर तहबाजारी वसूलने का अधिकार निजी व्यक्तियों को दे दिया।

जमीन हथियाने का खेल

यह मामला सामने आने के बाद मैंने खुद कलेक्टर से शिकायत की है। पूरे शहर में वक्फ के नाम पर जमीन हथियाने का खेल चल रहा है। मंडी की जमीन पर आधुनिक बस स्टैंड बनना है पर वक्फ बोर्ड ने इसे भी विवादित कर दिया। इस मामले की मॉनिटरिंग की जा रही है। आलोक शर्मा, महापौर

निगम ने अपनी शिकायत में कहा है कि वक्फ बोर्ड के सीईओ ने प्रेमपुरा और कोटरा सुुल्तानाबाद में भी इसी तरह के विवाद खड़े किए जा रहे हैं। भदभदा गेट के पास आईआईएफएम के नीचे झुग्गीबस्ती बस गई है। इसमें 4.872 हेक्टेयर जमीन सीपीए, 0.142 जमीन रास्ता व 2.882 हेक्टेयर जमीन नजूल के नाम से दर्ज है।

कलेक्टर का निर्णय अंतिम

नवबहार सब्जी मंडी की जमीन 1961 और उसके बाद 1998 में भी वक्फ के रिकाॅर्ड में हैं। कलेक्टर वक्फ के जिला कमिश्नर होते हैं उनका निर्णय अंतिम होगा। कोई गड़बड़ी है तो उसे सुधारा जाएगा। कोटरा और प्रेमपुरा की जमीन के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। मो. युनूस खान, सीईओ, वक्फ बोर्ड

न सर्वे कराया, न प्रमाणीकरण हुआ- वक्फ नियम के अनुसार किसी भी संपत्ति को वक्फ में दर्ज करने से पहले सर्वे कराया जाना चाहिए उसकी विज्ञप्ति जारी करके दावे- आपत्ति बुलाई जाना चाहिए और कलेक्टर से उसका प्रमाणीकरण भी होना चाहिए।

चल रही है जांच

महापौर की शिकायत मिली है। हम जांच कर रहे हैं। पुराना रिकाॅर्ड तलाशा जा रहा है। नवबहार सब्जी मंडी के साथ वक्फ के अन्य विवादों को भी सुलझाया जाएगा। सुदाम खाडेे, कलेक्टर

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