पिपलानी इलाके में बिजली कंपनी के सहायक इंजीनियर कमलेश दास की प|ी आभा दास की मौत का मामला गहरा गया है। मायके पक्ष ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या करार देते हुए आरोपी दामाद पर 30 लाख रुपए की मांग करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि कमलेश ने इन आरोपों को झूठा बताया है। पोस्टमार्टम के बाद अाभा का शव उसके पिता द्वारा ले जाने से नाराज कमलेश ने शव लेने से इनकार कर दिया है। आनंद नगर चौकी के एसआई जेपी त्रिपाठी ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मायके पक्ष के बयान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। कमलेश का कहना है कि शुक्रवार दोपहर वे ऑफिस में थे। तभी मां ने आभा के फांसी लगाने की सूचना दी। उस दौरान उनकी 11 माह की बेटी पलंग पर थी। आभा ने पलंग के ऊपर दुपट्टे से फांसी लगाई थी। बेटी के रोने की आवाज सुनकर मां कमरे में पहुंची थी। मैंने ही शव उतारा था। उसके बाद मैंने आभा के पिता और पुलिस को फोन किया था।
30 लाख लाने का दबाव बना रहे थे ससुराल वाले
ग्राम धूमा लखनादौन सिवनी निवासी रब्बीलाल अहिरवार वन उपज समिति में प्रबंधक हंै। उन्होंने बताया कि मैंने 22 वर्षीय बेटी आभा की शादी फरवरी 2016 में सिद्धार्थ लेकसिटी निवासी कमलेश दास से की थी। वह बहुत हिम्मत वाली थी। वह आत्महत्या नहीं कर सकती। उसकी हत्या की गई है। वह बीएससी सेकंड ईयर में थी, लेकिन ससुराल वालों ने उसकी पढ़ाई छुड़वा दी। उस पर करीब एक साल से मायके से 30 लाख रुपए मकान के लिए लाने का दबाव बनाया जा रहा था। मेरी मां की मौत होने के बाद भी आभा को मायके नहीं आने दिया। शनिवार को उनकी तेरहवी थी, लेकिन आज मैं अपनी बेटी की लाश घर ले जा रहा हूं। गुरुवार को उससे आखिरी बार बात हुई थी। उसने कहा था-पापा वे मुझे मायके नहीं आने दे रहे हैं। आप किसी को भी नहीं भेजना।