भोपाल | हरि की भक्ति पाना है तो नम्रता जरूरी है और जिस विद्या से आदमी में अहंकार आए वह विद्या नहीं अविद्या है। यह बात शनिवार को इस्कान प्रसिद्ध कथा वाचक डॉ. एचजी सार्वभौम प्रभु ने संतनगर में कही। वे यहां लक्ष्मण नगर में आयोजित हरि कथा के दौरान बोल रहे थे। कथा संस्कार स्कूल भवन में हुई।