एमपी हाईकोर्ट ने गुरुवार को सिविल जज परीक्षा का सेकेंड एंट्री लेवल का रिजल्ट घोषित किया। सिविल जज के 94 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा में प्रदेश से लगभग 2000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। फाइनल रिजल्ट में जनरल कैटेगरी में 46, ओबीसी में 12, एससी में 15 और एसटी कैटेगरी में 19 प्रतिभागियों का चयन हुआ। भोपाल की नविश्ता कुरैशी ने इस परीक्षा में 334.5 अंक हासिल कर चौथी रैंक हासिल की, जबकि अनुपेक्षा जैन को 331.5 के साथ 6वीं रैंक मिली। इनके अलावा शहर के मनोरम तिवारी ने इस परीक्षा में 9वीं, अर्चना तिवारी ने 37वीं और रिचा जैन ने 43वीं रैंक हासिल की।
नविश्ता कुरैशी मार्क्स- 334.5/450
10वीं क्लास से ही मेरा टारगेट ज्युडिशियरी में जाने का था। उस वक्त मैंने आरुषि मर्डर केस की बहुत सारी हियरिंग्स के बारे में पढ़ा था, जिसके कारण मेरा इंट्रेस्ट इस ओर बढ़ा। सिविल जज में सिलेक्शन तो हो गया, लेकिन मेरा टारगेट सुप्रीम कोर्ट जज बनना है। 1950 से अभी तक सिर्फ 7 फीमेल्स जज सुप्रीम कोर्ट में हैं। एलएलबी के दौरान 15 लाख तक के ऑफर आए, लेकिन छोड़े, क्योंकि मुझे हमेशा से ज्युडिशियरी में ही जाना था। पढ़ाई के दौरान पूरे कोर्स को तीन बार रिवाइज किया।
सिलेक्ट हुए कैंडिडेट्स में 15 एनएलआईयू के स्टूडेंट्स
इस बार सिविल जज क्वालिफाई करने वाले करीब 15 प्रतिभागी एनएलआईयू के एल्म्नाय स्टूडेंट्स हैं। सिटी टॉपर नविश्ता, अनुपेक्षा जैन, मनोरम तिवारी, रिचा जैन समेत ओबीसी कैटेगरी में रैंक-1 पानी वाली प्राची कौरवा और इसी कैटेगरी में रैंक-11 पाने वाली स्मृति पटेल भी एनएलआईयू की स्टूडेंट हैं। इसके अलावा, कैटेगरी मेरिट में सिलेक्ट हुईं आरती गौतम, नितिन वर्मा, के. शिवानी, सीताराम दास, अजय उइके, शिवानी धुर्वे, निकिता पवार और आयुष कनेल भी रिटन और इंटरव्यू राउंड क्वालिफाई कर सिलेक्ट हुए हैं।
अनुपेक्षा जैन मार्क्स- 331.5/450
मैं 12वीं तक इंजीनियरिंग की तैयारी कर रही थी, फिर एक दिन पापा ने बोला कि इंजीनियर तो सभी बनते हैं, तुम सिविल जज बनो, तब कुछ गर्व की बात होगी। बस, उसी दिन तैयारियों और पढ़ाई का विषय बदल गया। मैंने काफी लीगल न्यूज पढ़ीं और सभी सब्जेक्ट्स को बार-बार रिवाइज किया। यह मेरा तीसरा अटैंप्ट था, जिसमें सफल रही। ज्युडिशियरी में जाने 14 लाख का पैकेज छोड़ा। लॉ के 12 विषयों को स्ट्रॉन्ग करने के लिए मेरा फोकस रीसेंट केसेस की स्टडी पर होता था।
सिविल जज परीक्षा में भोपाल की नविश्ता को चौथी व अनुपेक्षा को मिली 6वीं रैंक