जिला रोजगार अधिकारी बनकर ठगी करने वाले एक जालसाज को सायबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने ठगी करने के लिए एमपीरोजगार डाॅट नेट नाम से वेबसाइट भी बनाई थी। जिस पर खुद को जिला रोजगार अधिकारी बताया था। बेरोजगार युवाओं से रजिस्ट्रेशन के नाम पर अपने खाते में रकम जमा करता था। उसने एक बेरोजगार युवा से गैस एजेंसी दिलाने के नाम पर 55 हजार रुपए भी खाते में जमा करा लिए थे।
सायबर क्राइम पुलिस के मुताबिक पार्वती काॅलोनी, सीहोर निवासी अर्पित दुबे ने शिकायत में बताया था कि रोजगार दिलाने के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। एचपी गैस एजेंसी दिलाने के नाम पर उनसे 55 हजार रुपए ठग लिए गए हैं। सायबर सेल ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। विवेचना में सामने आया कि ग्राम छुरी, बैतूल निवासी मुकेश हनोते नामक व्यक्ति द्वारा फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी की जा रही है। वेबसाइट पर मुकेश ने खुद को जिला रोजगार अधिकारी बताया था। उसके द्वारा बेरोजगारों को सरकारी नौकरी एवं अन्य व्यवसाय दिलाने के नाम पर ठगी की जा रही है। उसके द्वारा रजिस्ट्रेशन के नाम पर बेरोजगार युवाओं से रकम अपने खाते में जमा कराई जा रही थी। सायबर क्राइम पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी बारहवीं तक पढ़ा है।
बारहवीं तक पढ़ा है आरोपी
मुकेश स्वयं बेरोजगार है। उसने बारहवीं तक की पढ़ाई की है। पिछले वर्ष अगस्त में रोजगार की तलाश में भोपाल आया था। इस बीच वह इंटरनेट के माध्यम से धोखाधड़ी करने वाले लोगों के संपर्क में आया। इसके बाद मुकेश वेबसाइट डेवलप करने वाली एक लोकल फर्म में 6000 रुपए प्रतिमाह में चपरासी की नौकरी करने लगा। फर्म के मालिक से आग्रह कर आरोपी ने धोखाधड़ी के उद्देश्य से स्वयं की वेबसाइट बनावा ली। वेबसाइट पर आरोपी ने स्वयं को जिला रोजगार अधिकारी के नाम से प्रस्तुत किया। संपर्क हेतु अपना मोबाइल नंबर, लैंडलाइन नंबर तथा ईमेल आईडी दी थी। वेबसाइट में ऑनलाइन पेमेंट करने की सुविधा भी थी। उक्त वेबसाइट को शासकीय जिला रोजगार कार्यालय की असली वेबसाइट समझकर बेरोजगार युवा आरोपी से संपर्क करने लगे। मुकेश उनसे रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में अधिक से अधिक राशि प्राप्त करता था। आरोपी आवेदकों को पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी आदि दिलाने का भी आश्वासन देता था।