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दो साल पहले ऊंची हो गई हाईटेंशन लाइन, फिर भी रास्ता रोक रहे बैरियर

3 वर्ष पहले
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भेल कारखाने के जुबली गेट से निजामुद्दीन कॉलोनी होते हुए अयोध्या बायपास तक 10 साल पहले फोरलेन सड़क बनाई गई थी, लेकिन इस सड़क पर आज तक स्कूल बसों व यात्री बसें भीतर दाखिल नहीं हो सकती। वजह यह है कि राजधानी परियोजना प्रशासन (सीपीए) ने इस फोरलेन के बनते समय संतोषी बिहार और निजामुद्दीन कॉलोनी के बीच से गुजर रही हाइटेंशन लाइन के कारण बेरियर लगा दिए थे। दो साल पहले लाइन ऊंची हो चुकी है लेकिन बैरियर अब तक नहीं हट सके हैं।

दिक्कत... फोरलेन होने के बावजूद स्कूल-कॉलेज बसें नहीं निकल पाती, बायपास पर ही स्टॉपेज



16 कॉलोनी के 30 हजार लोग हैं परेशान

इस सड़क के बनने से करीब 16 कॉलोनियों की तीस हजार आबादी को राहत की उम्मीद बंधी लेकिन सड़क बनने के सालों बाद भी यहां स्कूल बसें नहीं आती। स्कूल बसों तक बच्चों को पहुंचाने के लिए या तो इंद्रपुरी जाना होता है या अयोध्या बायपास।

इस सड़क के अधूरा रहने से स्कूल बसों को सबसे ज्यादा परेशानी है। साकेत नगर या टाउनशिप से आने वाली बसों को रायसेन रोड की जगह अयोध्या बायपास घूमकर आना पड़ रहा है। -वीरेंद्र पाठक, रहवासी, मिनाल रेसीडेंसी

असर... 16 कॉलोनियों में पहुंचने के लिए बसों को अयोध्या बायपास से घूमकर आना पड़ता है…

सड़क से अतिक्रमण हटाने का काम नगर निगम का है। अतिक्रमण हट जाए तो फोरलेन का शेष बचा हिस्सा भी बन जाएगा। इसके बाद हाइटेंशन लाइन के बेरियर को हटाने के बारे में जानकारी लेंगे। -जवाहर सिंह, एसई सीपीए

सीपीए का तर्क, पहले कब्जे तो हटाए निगम

सड़क के 300 फीट हिस्से से अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर निगम ने कभी कोई पहल नहीं की। सीपीए का तर्क है कि निगम पहले यह अतिक्रमण हटाए, सीपीए 300 मीटर अधूरे हिस्से में भी फोरलेन का काम पूरा कर देगा।

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