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बजट नहीं तो किस तरीके से विदेश की सैर तय कर ली

3 वर्ष पहले
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प्रदेश के 39 किसानों के साथ आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण कोरिया की यात्रा पर जाने के लिए उद्यानिकी विभाग के अफसरों को हरी झंडी नहीं मिली है। राज्य शासन ने केंद्र सरकार की योजना से बजट लैप्स होने के बावजूद जल्दबाजी पर सवाल पूछे है। ये जानकारी बुलवाई है कि जाने वाले अफसरों के चयन का पैमाना क्या रखा गया है। राज्य शासन ने उद्यानिकी विभाग के तीन देशों में जाने वाली फाइल रोक ली है। इसकी मंजूरी से पहले विभाग से बजट और अफसरों के चयन के विषय में पूछा गया है। दरअसल ये शिकायत शासन तक पहुंची है कि चुनिंदा अफसर ही बार-बार टूर पर चले जाते हैं।

उद्यानिकी विभाग ने 28 मई से 6 जून तक आस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड तथा 6 जून से 14 जून 2018 तक दक्षिण कोरिया की प्रशिक्षण अध्ययन यात्रा तय की है। इसमें किसानों के साथ चुनिंदा अफसर उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी तकनीक और संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए विदेश जाना है। टूर का जिम्मा कोलकाता की बालमेर लाॉरी टूर एंड ट्रेवल्स कंपनी को सौंप दिया गया है। विदेश अध्ययन के टूर में एसीएस प्रेमचंद मीना और आयुक्त सत्यानंद दोनों साथ जाएंगे। ये आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा से 6 जून को लौंटेंगे। इसके बाद दोबारा 9 जून को दक्षिण कोरिया के लिए रवाना हो जाएंगे।

राज्य शासन ने उद्यानिकी महकमे से तलब की जानकारी, पूछा-अफसरों के चयन का पैमाना क्या रहा

15 मई को भास्कर में प्रकाशित खबर।

क्या है मामला

कृषि मंत्रालय के कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग ने 25 अगस्त 2017 को एकीकृत बागवानी मिशन में विदेश भ्रमण के लिए 8 अफसर और 30 किसानों के लिए 1 करोड़ 67 लाख 57 हजार रुपए की राशि मंजूरी की थी। ये राशि नए बजट सत्र में मिलने की उम्मीद में 10 अफसर और 39 किसानों की यात्रा तय हो चुकी है।

अफसरों पर खर्च हो जाएंगे 45 लाख-विभाग के दोनों प्रमुख अफसरों पर आस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड टूर में 15 लाख रुपए खर्च होगा। बाकी चार अफसरों के लिए भी 15 लाख रुपए प्रस्तावित बजट रखा गया है।

इस विषय पर पूरी जानकारी बुलवाई है। ये पूछा गया है कि किस प्रक्रिया को अपनाकर यात्रा तय की गई है। इसके परीक्षण के बाद ही आगे कुछ कह पाउंगा। - डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव, उद्यानिकी विभाग

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