हरियाणा सरकार ने विकलांगों को दिव्यांग नाम देने के अलावा कुछ नहीं दिया, जिससे विकलांग दरिद्रता भरा जीवन जीने पर मजबूर हैं। यह बात विकलांग अधिकार मंच फतेहाबाद के जिला संदीप गोरखपुर ने उपतहसील कार्यालय पर आयोजित धरना प्रदर्शन के दौरान उपस्थित विकलांगों को संबोधित करते हुए कही।
प्रदर्शन के दौरान विकलांगों ने सरकार व शिक्षा मंत्री के विरुद्ध नारेबाजी भी की। प्रदर्शन की अध्यक्षता मंच के ब्लॉक प्रधान प्रधान सुरेंद्र जांडली ने की, जबकि संचालन विष्णु कंबोज भूना ने किया। नायब तहसीलदार के माध्यम अधिकार मंच ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। दिव्यांगों ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार विकलांगों के सम्मान की बात करती है, मगर हरियाणा में शिक्षा मंत्री दिव्यांगों के प्रति आपत्तिजनक फब्तियां कसकर उनका मजाक उड़ा रहे हैं। इसलिए ऐसी सरकार व मंत्रियों से विकलांग वर्ग क्या मदद की उम्मीद रख सकता है जिला प्रधान गोरखपुरिया ने कहा कि वर्तमान में विकलांग वर्ग अपने पैरों में खड़े होने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, किंतु जो शिक्षित व बेरोजगार है, सरकार को चाहिए कि उन्हें रोजगार प्रदान करे। एक जून को जिला फतेहाबाद के लघु सचिवालय में रोष प्रदर्शन किया जाएगा। विकलांगों को किसान संघर्ष समिति के प्रधान चांदी राम कड़वासरा ने अपना समर्थन दिया और उनके आंदोलन में समिति बढ़चढ़ कर भाग लेने का भी आश्वासन दिया गया।
भूना। मांगाें को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते विकलांग अधिकार मंच के सदस्य।
ये है मुख्य मांगें
जिलाध्यक्ष ने बताया कि उनकी मुख्य 7 मांगे हैं, जिनमें विकलांग अधिनियम 2016 लागू करना, सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों को भरा जाए। जीवन रख रखाव के लिए विकलांग पेंशन 5 हजार रुपये प्रति माह दिया जाए, 40 प्रतिशत से अधिक के विकलांग को बस पास व पैंशन दी जाए। विकलांग के बीपीएल कार्ड बनाए जाएं। वहीं 3 साल से बंद पड़ा रेडक्रास द्वारा कृत्रिम अंग वितरण कार्य पुन: शुरू किया जाए तथा बिना गारंटर व सुविधाजनक तरीके से ऋण दिया जाए।
9 सदस्यीय कमेटी का गठन
इस अवसर पर नौ सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जिसमें उदयवीर को भूना का ब्लॉक प्रधान चुना गया। जबकि रामनिवास को सचिव, जय भगवान को उपप्रधान, पवन कुमार को सहसचिव, मास्टर सुरजीत सिंह को कोषाध्यक्ष, विष्णु कंबोज, जोरा सिंह, सत्यवान व राजू भूना को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया है।