रीवर साईड-सौंदा मुख्य पथ पर अवस्थित आकाशदीप काॅलोनी के समीप शनिवार की रात ब्रिटिश जमाने का लोहे का रोपवे ओवर हेड अचानक गिर गया। हालांकि रोपवे ओवर हेड गिरने से कोई हताहत नहीं हुआ पर सीसीएल बलकुदरा और गिद्दी कोलियरी से होने वाली कोयले की ट्रांसपोर्टिंग करीब दस घंटे तक ठप रहा।
प्रबंधन द्वारा लोहे के ओवर हेड को काटकर हटाने के बाद रविवार को करीब ग्यारह बजे दिन में ट्रांसपोर्टिंग शुरू हुई। रीवर साईड-सौंदा मुख्य पथ के ऊपर से ब्रिटिश जमाने में वर्ड्स कंपनी द्वारा भुरकुंडा कोलियरी के सिवाना माइंस से गिद्दी वाशरी तक रोपवे के माध्यम से कोयला ढुलाई के लिए बनाया गया था। रीवर साईड आकाशदीप काॅलोनी के समीप मुख्य पथ को देखते हुए ऊपर लोहे का रोपवे ओवर हेड सुरक्षा को देखते हुए बनाया गया था ताकि इस मार्ग से आवागमन करने वाले वाहनों के ऊपर रोपवे पर चलने वाली ट्राली न गिरे। शनिवार की रात करीब एक बजे उक्त मार्ग से शिल्पा माइनिंग वर्कस का ड्रिल मशीन रोपवे ओवर हेड के नीचे से गुजर रहा था। ड्रिल मशीन गाड़ी के ऊपर की बाॅडी लोहे के ओवर हेड में फंस गई और गाड़ी के आगे बढ़ने से कमजोर पड़ चुकी ओवर हेड अचानक मुख्य पथ पर गिर गई। इस दौरान रोपवे ओवर हेड गिरने से कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन मुख्य पथ पर ओवर हेड के गिरने से सीसीएल सौंदा साइडिंग तक होने वाले बलकुदरा और गिद्दी कोलियरी का कोयले का ट्रांसपोर्टिंग ठप हो गया। रविवार को सीसीएल कर्मियों द्वारा इसे कटर से काटकर हटाया गया। करीब दस घंटे के बाद कोयला का ट्रांसपोर्टिंग शुरू हुआ।
रीवर साइड-सौंदा मुख्य सड़क पर गिरा ब्रिटिशकालीन रोपवे ओवर हेड।
सड़क किनारे खड़ी बलकुदरा की कोयला लोड गाड़ियां ।