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वन्य जीवों के भ्रमण क्षेत्र में इंसानों का बढ़ा दखल, जिले में 24 पैंथरों का कुनबा, नतीजा : हमले बढ़े

3 वर्ष पहले
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हेमंत पंड्या. डूंगरपुर| जिन जंगलों में वन्यजीवों के रहने का स्थान है और उनके भ्रमण की जगह है, वहां पर लोगों ने अपने आशियाने बना दिए हैं। ऐसे में वन्यजीव अपनी मांद से भोजन-पानी की तलाश में आएंगे। इसका नतीजा यह है कि ये वन्य जीव या तो लोगों पर हमला कर देते हैं या फिर मवेशियों को अपना शिकार बनाते हैं। ऐसे में बचने और मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए लोग भी वन्यजीवों को अपना निशाना बना देते हैं। एक दिन पहले ही ओबरी के पास राजपुर में सुबह के समय भोजन-पानी की तलाश में आबादी क्षेत्र में घुसे पैंथर तारों के जाल में उलझ गया और आखिर उसकी मौत हो गई। डूंगरपुर जिले में करीब 24 पैंथरों का कुनबा है। ये अपने शावकों और परिवार के साथ वन्य क्षेत्र में भ्रमण करते हैं। दूसरी ओर, इन दिनों गर्मी का मौसम चल रहा है। जंगलों में बहने वाले नालों और छोटी नदियों या तालाबों में भी पानी सुख चुका है। ऐसे में पानी-भोजन की तलाश ये पैंथर सहित अन्य वन्य जीव जंगलों से बाहर निकल कर आबादी क्षेत्र में आ जाते हैं। लोग डर के मारे इन्हें भगाने के लिए लाठी, हथियारों का उपयोग करते हैं। डर की वजह से ये लोगों के ऊपर हमला कर देते हैं। वहीं लोग भी हमला कर देते हैं और वन्यजीवों को मार देते हैं।

इन 6 केसों से समझें पैंथरों के आबादी क्षेत्र में हुए हमले

1. एक साल पहले लीलवासा ग्राम पंचायत में नालफला गांव में पैंथर ने दो युवकों पर हमला किया था। इसमें सुरेश निनामा और मगन ननोमा घायल हो गए थे।

2. बिछीवाड़ा क्षेत्र के पालपादर गांव में 12 मई 2017 को पैंथर घर में घुस गया था और जीवा आदिवासी के परिवार पर हमला किया था। फिर उसे मार डाला।

3. चार माह पहले ही गणेशपुर के ठेकुआ फला गांव में मादा पैंथर ने अपने शावकों के साथ हमला किया और करीब 8 बकरियों को शिकार बनाया था।

4. पुनाली से करीब 8 किमी जंगल के अंदर बसे माछलिया गांव में भी पैंथर का आतंक रहा है। 3 माह पहले ही पैंथर ने एक गाय और बकरियों पर हमला कर घायल कर दिया था।

5. आसपुर के नेपालपुरा में एक साल पहले 2 गायों के ऊपर पैंथर ने हमला कर दिया और घायल किया। गायों को बचाने के लिए गए कुछ युवकों के पीछे भी पैंथर दौड़ा था।

6. करीब डेढ़ साल पहले सरकण और राणीघाटा, लोलकपुर मार्ग पर जंगल में रहने वाला पैंथर आदमखोर हो गया था। दो लोगों को मौत के घाट पर उतार दिया।

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