भास्कर संवाददाता| बिछीवाड़ा/डूंगरपुर
अवैध शराब तस्करी पर एक बार फिर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शराब तस्करों ने पुलिस नाकाबंदी तोड़ दी और भागने का प्रयास किया, लेकिन इस बार पुलिस ने तकनीक का उपयोग करते हुए तस्करों की गाड़ियों के टायर पंक्चर कर दिए। हवा निकलते ही तस्कर गाड़ियों से उतरे और अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल में भाग गए। जब्त शराब की कीमत करीब 4 लाख रुपए आंकी गई है। सोमवार तड़के 4.45 बजे एसपी शंकरदत्त शर्मा की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एएसपी नितेश आर्य, डीएसपी माधोसिंह सोढ़ा के निर्देश पर कार्रवाई की गई। थानाधिकारी सुनील शर्मा ने बताया कि मुखबिर से सूचना पर लीलावास से पालीसोड़ा जाने वाले रोड पर नाकाबंदी कर दी। इस दौरान एक बोलेरो पिकअप आई। उसके आगे एक बाइक एस्कोर्ट कर रही थी। वाहनों को रोकने का इशारा किया तो नहीं रुके और नाकाबंदी तोड़कर भागने लगे। इस पर पुलिस ने कुछ आगे एक और नाकाबंदी की, जिसमें तकनीक का उपयोग करते हुए सड़क पर टायर पंक्चर करने की कील लगा दी। इससे टायरों की हवा निकल गई और नाकाबंदी से करीब 100 मीटर आगे जाते ही वाहन खड़े हो गए। तस्कर वाहनों से उतरे और जंगल की ओर भाग गए। वहीं बाइक चालक ने अपने पास से शराब की एक पेटी को भी फेंक दिया और जंगल की ओर भाग गए। पुलिस ने पीछा किया, लेकिन अंधेरा होने की वजह से तस्कर पकड़ में नहीं आए। दोनों वाहनों को अवैध शराब तस्करी में जब्त कर लिया। जीप से 100 पेटी करीब 1200 बोतल अवैध पंजाब निर्मित अंग्रेजी शराब जब्त की है। इस शराब को गुजरात तस्करी कर ले जाने के फिराक में थे और पकड़े गए। कार्रवाई में थानाधिकारी सुनील शर्मा, कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार, जितेंद्रसिंह, रामधन, राकेश और विनोद कुमार शामिल थे।
बिछीवाड़ा. तस्करी करते पकड़ी गई अवैध शराब और मोटरसाइकिल।
5 माह में 8 करोड़ से ज्यादा की शराब पकड़ी
पुलिस की कार्रवाई के चलते तस्कर अब बचते हुए गुजरात बोर्डर पार करने में लगे हैं, लेकिन पुलिस की सख्त निगरानी के कारण तस्करों को मौका नहीं मिल रहा है। पिछले साल दिसंबर महीने से इन पांच महीनों में अब तक करीब 8 करोड़ रुपए से ज्यादा की शराब पकड़ी जा चुकी है। इसके अलावा कई शराब तस्कर और माफिया पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं, लेकिन शराब तस्करी के मुख्य सरगना उदयपुर के भरत डांगी और मानसिंह दोनों ही फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।