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बिछीवाड़ा कॉलेज में संसाधन नहीं थे तो छात्र लाए बोर्ड और दरियां

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | बिछीवाड़ा

सरकार की ओर से मांग को देखते हुए बिछीवाड़ा में कॉलेज को लेकर मान्यता दे दी और सत्र भी शुर हो गया। छात्रों ने एडमिशन लेकर पढ़ाई शुरू की तो देखा कि कॉलेज में किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं है। न तो कॉलेज में पढ़ने के लिए बोर्ड था न ही बैठने के लिए टेबल-कुर्सियां। यहां तक की पढ़ाने के लिए प्रोफेसर भी दो ही नियुक्त हैं। ऐसे में कुछ बच्चे तो वहां से एडमिशन निरस्त कराकर 25 किमी दूर डूंगरपुर शहर में जाकर पढ़ रहे हैं। वहीं अन्य विद्यार्थियों का कहना है कि हमारे अलावा अन्य युवाओं को 25 किमी दूर डूंगरपुर नहीं जाना पड़े इसलिए कॉलेज को सुचारू रखने के लिए जन संपर्क करेंगे व खुद ही भामाशाह ढूंढेंगे। पहले छात्रा नेता की ओर से कॉलेज में बोर्ड दिया गया था। वहीं अब छात्र बैठने के लिए दरियां ला रहे हैं। छात्रा नेता जीजा खराडी ने बताया कि कॉलेज के छात्र ही लोगों से राशि एकत्रित कर बैठने के लिए दरी का बंदोबस्त करने में लगे हुए हैं।

छात्रों ने बताया कि हमें पढ़ाई करनी है चाहे नीचे बैठकर ही करेंगे। हमें 25 किमी दूर डूंगरपुर शहर नहीं जाना पड़ेगा। वर्तमान में जबकि कॉलेज में दो प्रोफेसर ही नियुक्त हुए हैं। पद खाली है। प्रधानाचार्य व्यवस्थाएं बनाने को लेकर प्रय|शील है। कॉलेज में छात्रों के प्रवेश की सूची समयानुसार जारी कर दी गई है। बच्चों को कहना है कि बजट आने पर व्यवस्थाएं कर देंगे।

कॉलेज में बजट को लेकर समस्याएं आ रही है। अतिशीघ्र बजट आ जाएगा। वर्तमान मे दो प्रोफेसर लगाए हैं, वह भी 30 दिन के लिए हैं। साथ ही एक लिपिक और एक चपरासी भी नियुक्त हो गया है। वह भी अतिशीघ्र आ जाएगा। - डाॅ. योगेंद्र देवड़ा, प्रधानाचार्य, राजकीय महाविद्यालय बिछीवाड़ा

अव्यवस्था

फर्श पर बैठकर कर रहे हैं पढ़ाई, राज्य सरकार ने कालेज की मान्यता तो दे दी लेकिन अभी तक बजट नहीं दिया

बिछीवाड़ा कॉलेज के प्रथम बैच के स्टूडेंट, जो फर्श पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं।

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