हफ्तेभर होता रहा हल्ला लेिकन अंत तक नहीं हो सका एयरपोर्ट का उद् घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार की सुबह 10.50 बजे भारतीय वायुसेना के एमरॉल्ड विमान से जगदलपुर पहुंचे। इस बीच जिला प्रशासन की जगदलपुर एयरपोर्ट के उदघाटन की तैयारी को उस समय विराम लग गया, जब वे अपने विमान से उतरे और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा स्वागत के बाद हेलिकॉप्टर से सीधे बीजापुर जिले के जांगला के लिए रवाना हो गए। बीते एक सप्ताह से यहां पीएम प्रवास की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने जुटा था। चूंकि पीएम मोदी यहां पहुंचने वाले थे और जगदलपुर को उड़ान योजना में शामिल किया गया है, इसलिए जिला प्रशासन ने यहां से यात्री विमान सेवा शुरू करने को लेकर माहौल तैयार किया और दिन-रात लोगों को काम में जुटाए रखा, ताकि पीएम मोदी के सामने जिला प्रशासन की एयरपोर्ट को लेकर किरकिरी न हो। रातोरात यहां एटीसी टॉवर मंगा लिया गया। इसके साथ ही टर्मिनल बिल्डिंग को तैयार करने का सिलसिला अब भी जारी है। इस बीच लोगों में चर्चा का विषय था कि पीएम मोदी जगदलपुर एयरपोर्ट का उदघाटन करेंगे या नहीं। आखिर में इन सब कयासों पर विराम लग गया और वे दिल्ली उड़ गए। उल्लेखनीय है कि भास्कर इस मामले में शुरू से खबरें प्रकाशित कर रहा था कि ज्यादा से ज्यादा टर्मिनल बिल्डिंग का उदघाटन ही हो पाएगा, हवाई सेवा शुरू करने में समय लगेगा क्योंकि तैयारियां अभी अधूरी हैं।
पीएम के प्लेन को लैंड कराने हो रही थीं तैयारियां
पीएम मोदी के जारी मिनट टू मिनट कार्यक्रम में कहीं भी एयरपोर्ट के उदघाटन का जिक्र नहीं था, बावजूद यहां एयरपोर्ट का उदघाटन कराने का दावा जिला प्रशासन करता रहा जबकि एयरपोर्ट को पीएम मोदी के विमान को जगदलपुर एयरपोर्ट में लैंड कराने की तैयारियां की जाती रही। इसके बाद शनिवार को तैयारियों को पूरा करने के बाद पीएम का प्लेन जगदलपुर में लैंड हुआ।
डीजीसीए टीम के आने के बाद लगा था कि लोकार्पण तय हो गया है
जगदलपुर में यात्री विमान सेवा शुरू करने को लेकर बुधवार को डीजीसीए की टीम ने लाइसेंस देने से पहले एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था। इसके पहले से अफसरों ने एक ऐसा माहौल तैयार किया कि पीएम मोदी के हाथों 14 अप्रैल को एयरपोर्ट का उदघाटन किया जाएगा। यही कारण था कि सभी यहां काम में जुटे थे। आनन-फानन में टर्मिनल बिल्डिंग को तैयार बता दिया गया, वहीं मंगलवार की रात ही एटीसी टॉवर रायपुर से मंगवा लिया गया था। इसके अलावा अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी बीते शुक्रवार की देर रात तक जिला प्रशासन और ठेकेदार जुटे रहे।