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ईडी सूत्रों का दावा - सिंगापुर के पासपोर्ट पर लंदन में रह रहा है नीरव

3 वर्ष पहले
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ईडी सूत्रों का दावा - सिंगापुर के पासपोर्ट पर लंदन में रह रहा है नीरव

वह हांगकांग और न्यूयॉर्क आता-जाता रहता है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सूत्रों ने शनिवार को यह दावा किया। पीएनबी घोटाले की जांच में पेश होने के लिए निदेशालय नीरव और उसके परिवार के सदस्यों के नाम समन जारी कर रहा है। लेकिन वे सभी देश के बाहर रह रहे हैं और जांचकर्ताओं की पहुंच से बाहर हैं। ईडी सूत्रों के मुताबिक नीरव के पिता दीपक मोदी, बहन पूर्वी मेहता और उसके पति मयंक मेहता को इस माह के पहले हफ्ते में समन जारी कर 15 दिन में पेश होने को कहा है। यदि वे इसका जवाब देने में विफल रहे तो उन्हें और समन जारी किया जाएगा। पूर्वी नीरव मोदी के लिए राउंड ट्रिपिंग की भूमिका निभाने के लिए जांच के घेरे में है। इन तीनों को बयान दर्ज कराने के लिए ईडी के मुंबई ऑफिस में पेश होने को कहा गया है। जांच एजेंसी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत बनी विशेष कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल करने की प्रक्रिया में है।

गौरतलब है कि पीएनबी में वर्ष 2011 से 2017 के बीच अवैध लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (एलआेयू) और फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट (एफएलसी) जारी कर इस घोटाले को अंजाम दिया गया। नीरव ने अपनी ग्रुप कंपनियों - डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट्स और स्टेलर डायमंड्स और मामा मेहुल चोकसी व अन्य के साथ मिलकर पीएनबी के साथ यह धोखाधड़ी की।

चिल्फी घाटी में शराबी ड्राइवर से बेकाबू हुई मेटाडोर पलटी; 7 की मौत, 25 घायल

ढोलिया बाई (55), दियाली पिता तोकसिंह, सोनबती पिता जगीराम, संतू पिता बखारी (45) निवासी कुई और झूलीबाई पति गलीराम गोंड (50) निवासी काशीपानी की मौके पर ही मौत गई। कवर्धा एएसपी अनंत साहू ने बताया, फरार मेटाडोर चालक पर जुर्म दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है।

यूपी में आंधी से 3 की मौत, कई राज्यों में अलर्ट

वहीं, बीते रविवार और सोमवार को तूफान के हुए हादसों में 86 लोगों की जान गई। इस दौरान 136 लोग घायल भी हुए। 50 से ज्यादा मौतें उत्तर प्रदेश में हुईं। बिहार में भी कई लोगों की जान गई थी। गृह मंत्रालय ने तूफान और बिजली गिरने से भारी नुकसान की बात कही थी। गर्मी के मौसम में यह बदलाव होता ही है। लेकिन इस बार पाकिस्तान और अफगानिस्तान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान और मध्यप्रदेश के ऊपर चक्रवाती हालात बनने से मौसम लगातार खराब हो रहा है। हर साल इन दिनों में सबसे पहले यूरोप और अफ्रीका के बीच स्थित भूमध्य सागर (मेडिटेरियन सी) में 25 डिग्री से ज्यादा तापमान होने पर उठता है। वहां से यह तुर्की, इराक, ईरान से होता हुआ जम्मू-कश्मीर पहुंचता है। यहां पहाड़ों से टकराकर यह दिल्ली की तरफ मुड़ जाता है। इसके बाद यह रास्ते में आने वाले देश के हर राज्य में असर डालता है।

26 बारातियों को दो दिन से थाने में बैठा रखी है पुलिस

हिमांशु का आरोप है कि इन सभी की सुरक्षा और सम्मान खतरे में है, पुलिस ने जिन लोगों को पकड़ा है सभी आदिवासी हैं। यदि ये घटनाक्रम सामने नहीं आता तो संभव है कि इन्हें नक्सली बताकर गिरफ्तार दिखाती या किसी एनकाउंटर की कहानी सामने आ सकती थी। हिमांशु ने 26 बारातियों के नाम भी लिखे हैं और बीजापुर एसपी का मोबाइल नंबर भी लिखा है।

हिमांशु के अनुसार इन लाेगों को पुलिस ने रखा है थाने में

1. लक्ष्मण पिता जग्गू निवासी फुलोड़

2. पंडू पिता भीमा निवासी फुलोड़

3. बुधराम पिता बुरका निवासी फुलोड़

4. हिद्मु पिता भीमा निवासी फुलोड़

5. बोमरा पिता कुल्ला निवासी फुलोड़

6. राजू पिता विज्जू निवासी फुलोड़

7. आयतु पिता चैतु निवासी फुलोड़

8. बामन पिता पोद्या निवासी फुलोड़

9. हिड्मु पिता दुला निवासी फुलोड़

10. मंगलू पिता आयतु निवासी फुलोड़

11. रमेश पिता पेद्दा निवासी फुलोड़

12. मुन्ना पिता श्यामनाथ निवासी फुलोड़

13. बुधराम पिता सुकलू निवासी फुलोड़

14. हिड्मु पिता उंगा निवासी फुलोड़

15. बामन पिता दुला निवासी फुलोड़

16. जमली पिता बुरका निवासी फुलोड़

17. जोगी पिता बुदरू निवासी फुलोड़

18. मंगलो पिता सन्तु निवासी फुलोड़

19. उंगो पिता कोसा निवासी पुटेनार, फुलोड़

20. लिंगे पिता हिडमा निवासी पुटेनार, फुलोड़

21. मोती पिता हूँगा निवासी पुटेनार, फुलोड़

22. श्यामबती पति सुखराम वट्टी निवासी दरभा

23. कुमली पिता भीमा निवासी फुलोड़

24. कोसा पिता जोगा निवासी फुलोड़

25. कोसा पिता मडको निवासी फुलोड़

26. मंगलू पिता चेटू निवासी फुलोड़

12 माह में 27% लोगों ने दी घूस, बिहार से ज्यादा भ्रष्ट तमिलनाडु

जैसे कामों के लिए घूस देनी पड़ी। यह खुलासा सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज (सीएमएस) की शुक्रवार को जारी 12वीं रिपोर्ट में हुआ है। इस साल फरवरी-मार्च में देश के 13 राज्यों में किए गए अध्ययन में 75% लोगों ने कहा कि देश में पिछले साल की तुलना में भ्रष्टाचार बढ़ा है या जस का तस है। हालांकि नागरिक सक्रियता, आरटीआई, ऑनलाइन सुविधाओं और सोशल मीडिया के असर से 2005 की तुलना में 2018 में भ्रष्टाचार करीब 50% तक घटा है। 2005 में विभिन्न सेवाओं के लिए करीब 52% लोगों को घूस देनी पड़ी थी।

मौजूदा रिपोर्ट में दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में सर्वे किया गया। इस दौरान राशन, पानी, बिजली, अस्पताल, स्कूल, बैंक सेवा, पुलिस, परिवहन, न्यायालय, राजस्व विभाग और मनरेगा (ग्रामीण इलाकों में) जैसी सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार का अध्ययन किया गया है।

41% ने पुलिस-परिवहन अफसरों को खिलाई घूस

राज्य घूस देने वाले

परिवहन 21%

पुलिस 20%

राजस्व 16%

अस्पताल 10%

आधार 7%

3% ने वोटर कार्ड के लिए घूस दी।

पैरेंट्स को होमवर्क, बच्चों के साथ खाना खाएं,दादा-दादी के संग रखें

दरअसल, स्कूल के संचालकों ने कुछ दिन पहले ही तय कर लिया था कि वे इस बार कुछ अलग करेंगे। इसी के तहत स्कूल की ओर से 13 बिन्दुओं पर आधारित एक पत्र तैयार किया गया, जिसे पिछले दिनों समर वैकेशन से दो दिन पहले बच्चों को यह कह कर दिया गया कि वे इसे पैरेंट्स को आवश्यक रूप से दें। यह पत्र उन्हें मिल गया, इसकी फोन पर इत्तला दिलाएं।

यह लिखा है पत्र में

बच्चों के साथ लंच, डिनर करें। इन्हें खेती करने वालों और उनके काम के महत्व के बारे में सिखाएं। खाना बर्बाद न करने की सीख दें।

हर भोजन के बाद अपनी प्लेट स्वयं धोने के लिए प्रेरित करें। इस तरह वे श्रम का महत्व समझेंगे।

सुबह और रात में अपना बिस्तर स्वयं बनाकर आपकी मदद करने के लिए कहें।

दादा-दादी से मुलाकात करें। बच्चों को उनके साथ समय व्यतीत करने के लिए प्रेरित करें। बच्चे के लिए उनका प्यार और भावनात्मक समर्थन महत्वपूर्ण है। उनके साथ तस्वीरें खिंचवाएं।

बच्चों को कभी-कभार अपने कार्यस्थल पर ले जाएं। बच्चे को यह समझने दें कि परिवार चलाने के लिए आपको कितनी कड़ी मेहनत करनी होती है।

बच्चे को अपने घर का उद्यान लगाने के लिए प्रोत्साहित करें। पेड़-पौधों का महत्व और उनके विकास का ज्ञान उनके विकास की प्रक्रिया एवं उनके जीवन का अभिन्न अंग है।

अपने बचपन की कहानियां, अपने संघर्ष और अपने परिवार के इतिहास के बारे में बताएं।

बच्चों को कई बार घर के बाहर खेलने दें, उन्हें चोटिल और गंदा होने दें। उनके लिए गिरना और थोड़ी देर दर्द का अनुभव होना ठीक है।

कम से कम एक लोक गीत अवश्य सिखाएं।

बच्चों के लिए कहानियों की रंगीन चित्रों की पुस्तक खरीदें और उसे पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।

बच्चों को टीवी, मोबाइल, कम्प्यूटर और अन्य इलेक्ट्रानिक सामग्री से जितना संभव हो, दूर रखें।

बहुत सारे चॉकलेट, आइसक्रीम, केक, चिप्स, समोसे और अस्वास्थ्यकर खाना देने से बचें। स्वस्थ खाना खाने की आदत डालें।

अपने बच्चे की आंखों में देखें और आपको एक अदभुत उपहार देने के लिए भगवान का शुक्रिया अदा करें।

कुछ ही वर्षों में, वे जीवन की ऊंचाइयों को छू रहे होंगे। उन्हें अपना पूरा प्यार और सहयोग दें।

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