पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Bikaner
  • राग द्वेष के त्याग से ही संभव हो सकता है मानव मंे परमात्मा का वास

राग-द्वेष के त्याग से ही संभव हो सकता है मानव मंे परमात्मा का वास

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पुरुषोत्तम मास के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर श्रीमद् भागवत कथा, श्रीराम कथा और नानीबाई रो मायरों कथाओं का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन के दौरान सचेतन झांकियां सजाई जा रही है तो वहीं सुसंस्कारों की सीख भी दी जा रही है। मानव धर्म प्रचार सेवा समिति की ओर से पारीक चौक में आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन बाबा रामदेव मंदिर में किया जा रहा है। इस मौके पर कथा का वाचन करते हुए बालसंत श्री छैलबिहारी जी महाराज ने कहा कि राग-द्वेष को त्याग कर ही मनुष्य अपने भीतर परमात्मा को जन्म दे सकता है।

कथा के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। इस मौके पर सचेतन झांकियां सजाई गई। रानीबाजार स्थित पंचमुखा हनुमान मंदिर में भागवत कथा के दूसरे दिन कथा का वाचन करते हुए पं.नंदकिशोर आसोपा ने मानव जीवन में धर्म की महत्ता पर प्रकाश डाला। इस दौरान उन्होंने शिव-पार्वती संवाद, सुखदेव जी की जन्मकथा और वेदव्यास द्वारा भागवत रचना के प्रसंगों को प्रस्तुत किया। रसिक शिरोमणि मंदिर में अधिक मास के मौके पर आयोजित भागवत कथा के दौरान पं.मक्खनलाल शास्त्री ने कथा का वाचन करते हुए सुदामा चरित्र प्रसंग काे प्रस्तुत किया। विजयशंकर व्यास ने बताया कि इस दौरान सुदामा और श्रीकृष्ण मिलन की सचेतन झांकियां भी सजाई गई। भीनासर स्थित मालू धोरा में आयोजित भागवत कथा के दौरान सोमवार को नंदोत्सव आयोजित किया गया।

कथा का वाचन करते हुए पं.महेंद्र व्यास ने बाल कृष्ण की बाल लीलाओं की व्याख्या करते हुए बताया कि भागवत के श्रवण से जीवन में नैतिकता का संचार होता है। वल्लभ गार्डन कॉलोनी में आयोजित भागवत कथा के दौरान रुक्मणि और श्रीकृष्ण का विवाह उत्सव धूमधाम से आयोजित किया गया। कथावाचक शिवज्योतिषानंद जिज्ञासु महाराज ने इस दौरान आडंबर को त्यागने का आह्वान किया। कथा में स्वामी रामेश्वरानंद दाता ने भी विचार रखे। उत्सव के दौरान सजीव झांकियां सजाई गई।

नानी बाई रो मायरो कथा की पूर्णाहुति

मरुनायक चौक स्थित मदनमोहन जी मंदिर में सोमवार को नानीबाई रो मायरों कथा की पूर्णाहुति की गई। कथा का वाचन करते हुए पं.गिरिराज जोशी ने कहा कि निस्वार्थ भाव से की गई प्रार्थना पर भगवान स्वयं भक्त की विपदा को दूर करने के लिए दौड़े चले आते है। इस मौके पर मायरा भरने का आयोजन सजीव झांकियों के साथ किया गया। पूर्णाहुति के मौके पर अनेक गणमान्यजन मौजूद थे।

श्रीमद भागवत कथा सप्ताह में माखन चोरी की सजी झांकी।

मदन मोहन भवन में नानी बाई रो मायरो की पूर्णाहुति पर प्रवचन देते गिरिराज जोशी। कथा सुनने पहुंची महिलाएं।

संतों का सान्निध्य जीवन को बनाता है श्रेष्ठ

संतों का सान्निध्य जीवन में श्रेष्ठता के भावों का संचार करते हुए संस्कार और मानवीयता के गुणों को जाग्रत करता है। यह विचार थे महंत क्षमाराम जी महाराज के। सोमवार को खरनाड़ा मैदान में श्रीराम कथा का वाचन करते हुए उन्होंनें मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए विकारों को त्यागने की बात कही। श्री ब्राह्मण स्वर्णकार सत्संग समिति की ओर से आयोजित मानस पाठ और कथा के क्रम में आज से भागवत कथा का आयोजन प्रारंभ किया जाएगा।

खबरें और भी हैं...